राजस्थान सियासी संकट के समय भाजपा MLA को खरीदा गया, मेरे पास सारे सबूत-मंत्री राजेंद्र गुढ़ा
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने राजस्थान सियासी संकट 2020 में भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे की रार खत्म होती नहीं दिख रही है। पायलट गुट के नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने अब राजस्थान सियासी संकट के समय भाजपा की खरीद फरोख्त को लेकर बड़ा दावा किया है। राजेंद्र सिंह गुढ़ा झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी सीट से कांग्रेस विधायक और अशोक गहलोत सरकार में सैनिक कल्याण मंत्री हैं।
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से निकाली जा रही जनसंघर्ष यात्रा के जयपुर में समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने दावा किया कि राजस्थान सरकार जब संकट में थी तो भाजपा विधायकों को कैसे खरीदा गया, मेरे पास इसके सबूत हैं। मुख्यमंत्री वो पैसे भी लौटाएं। भाजपा के हेलीकॉप्टर कैसे खाली ही गए।
राजेंद्र गुढ़ा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की जीत पर कहा कि राजस्थान की सरकार कर्नाटक के 40 प्रतिशत के कमीशन से भी ऊपर जा रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं। सचिन पायलट हमारे नेता है, वो जो फैसला करेंगे। हम मानेंगे। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 का फैसला जनता तय करेगी।
उदयपुरवाटी विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को कोरोना भी साथ-साथ होता है। गुढ़ा ने शांति धारीवाल पर हमला बोला और कहा कि भरतसिंह पत्र पर पत्र लिख रहे हैं। भ्रष्टाचार तो धारीवाल और प्रमोद जैन भाया कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि साल 2020 में सचिन पायलट डिप्टी सीएम व पीसीसी चीफ रहते हुए अपने समर्थकों के साथ हरियाणा के मानेसर स्थित एक होटल में डेरा डाल लिया। इधर, राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार संकट में आ गई थी। विधायकों की खरीद फरोख्त के डर से गहलोत भी अपने समर्थक विधायकों के साथ जैसलमेर के होटल में रहे।
हालांकि बाद में आलाकमान के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया। सचिन पायलट को डिप्टी सीएम व पीसीसी चीफ दोनों पद गंवाने पड़े थे। तब से सचिन पायलट और अशोक गहलोत खेमे के बीच सियासी खींचतान चल रही है।












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