Rajasrthan: फिर हाई हुआ सियासी पारा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत को मंत्री जोगाराम पटेल का करारा जवाब, जानिए क्या ?
Rajasthan News: राजस्थान में एक बार फिर से भाजपा-कांग्रेस नेताओं में जुबानी जंग परवार पर चढ़ गई है। ाज जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा की प्रदेश सरकार को सर्कस की सरकार तो बताया तो भाजपा नेताओं से लेकर मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया।
भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को करारा जवाब देते हुए कहा है कि "खुद मियां फजीहत, औरों को नसीहत"। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में किसान हितेषी मुख्यमंत्री के काम काज से गहलोत बौखला गए है।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी को राजस्थान का तेजी से होता विकास हजम नहीं हो पा रहा है और वो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश के विकास के एजेंडे में अड़ंगे डालने का काम कर रहे हैं।

पटेल ने कहा कि पेपरलीक के दोषियों पर कार्यवाही, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों को सम्मान, जल उपलब्धता के लिए मजबूत फैसले और बिजली में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम और अब 90 हजार नियुक्तियों का कैबिनेट फैसला देख कर अशोक गहलोत की नींद उड़ी हुई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि ऐसे शानदार फैसले एक किसान मुख्यमंत्री कैसे तीव्र गति से कर रहे हैं।
अशोक गहलोत के बयान पर भाजपा कैबिनेट मंत्री का काउंटर pic.twitter.com/1vQ7k8z1Fu
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) October 6, 2024
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा जनता को झूठे बयानों से बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके फरेब में आने वाली नहीं है क्योंकि गहलोत और डोटासरा के चेहरे को वो अच्छी तरह पहचानती है।
पटेल ने कहा कि अशोक गहलोत की बातों को सुन कर एक ही कहावत याद आ रही है, खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत। अगर पांच साल उन्होंने जनता के कामों पर ध्यान दिया होता तो आज विपक्ष में नहीं बैठना पड़ता। पूरा कार्यकाल सरकार बचाने की जोड़-तोड़ में निकाल दिया।
सत्ता की कुर्सी बचाने के लिए जयपुर और जैसलमेर के होटलों में सरकार और कांग्रेस के विधायक बन्द रखे गए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कारनामों की परतें तो उनके जमूरे आए दिन दिल्ली में जांज एजेंसियों के सामने उधेड़ रहे हैं। इस कारण बौखलाहट में किसान मुख्यमंत्री को अपमानित करने पर उतारू हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि गहलोत राजस्थान में लगातार पूरी हो रही बजट घोषणाओं, संकल्प पत्र के 50 प्रतिशत काम पूरे होने से मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उन्होंने कैसे अप-डाउन कराई थी, जो जग जाहिर है। कांग्रेस के 5 साल के कारनामों से प्रदेश का विकास डाउन ही नहीं रसातल में चला गया। अब मात्र 10 माह में राजस्थान विकास की नई ऊंचाईया छू रहा है।












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