लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर ले गया साइकिल, मालिक के लिए छोड़ी चिट्ठी वायरल, लिखा-मैं आपकी साइकिल...
भरतपुर। कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 4726 तक पहुंच गया है। 17 मई तक लॉकडाउन-3.0 भी घोषित है और लॉकडाउन 4.0 भी लागू होने की पूरी संभावना है। ऐसे में लाखों प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं। हर कोई अपने घर वापसी की राह ताक रहा है। वहीं, हजारों मजदूर पैदल या जो साधन उपलब्ध हो रहा उसी से घर की ओर पलायन कर रहे हैं।

राजस्थान में तो एक प्रवासी मजदूर तो किसी की साइकिल ही उठा ले गया। पता तब चला जब साइकिल मालिक को एक चिट्ठी मिली, जिसमें मजदूर ने मजबूरी में साइकिल चुरा ले जाने की जानकारी देते हुए चिट्ठी में कई मार्मिक बातें लिखी। चिट्ठी अब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है।
वायरल चिट्ठी में श्रमिक ने नमस्ते के संबोधन के साथ लिखा है कि 'मैं आपकी साइकिल लेकर जा रहा हूं। हो सके, तो मुझे माफ कर देना जी, क्योंकि मेरे पास घर जाने का कोई साधन नहीं है। मेरा एक बच्चा है, उसके लिए मुझे ऐसा करना पड़ रहा है, क्योंकि वो विकलांग है। चल नहीं सकता। हमें बरेली तक जाना है। आपका कसूरवार। एक यात्री। एक मजदूर।
मजबूरी में साइकिल चुराने और फिर ऐसी भावुक कर देने वाली चिट्ठी लिखकर उस श्रमिक ने हर किसी की आंखें नम कर दी। श्रमिक कौन है। इसका अभी पता नहीं चल पाया है, मगर भरतपुर निवासी साइकिल के मालिक साहब सिंह का कहना है कि साइकिल के सुबह बरामदे से गायब होने के बाद चोरी की आशंका होने लगी थी।
इसके बाद झाड़ू लगाते वक्त चिट्ठी मिली, जिससे पता चला कि एक मजबूर व्यक्ति साइकिल ले गया है। साइकिल चोरी होने का अब कोई मलाल नहीं है। मुझे खुशी है कि साइकिल सही मायने में किसी के काम आ सकी है। साहब सिंह ने बताया कि साइकिल के अलावा भी कई चीजें बरामदे में पड़ी थी, लेकिन उसे इस व्यक्ति ने हाथ तक भी नहीं लगाया है।












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