माली आरक्षण आंदोलन राजस्थान : जयपुर-आगरा NH 21 पर उतरे सैनी समाज के लोग, जानिए आगे की रणनीति
भरतपुर, 14 जून। राजस्थान में 'आरक्षण का जिन्न' एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। गुर्जर आरक्षण आंदोलन की तर्ज पर इस बार माली समाज ( Mali Reservation Movement Rajasthan ) अपना हक मांग रहा है। 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर माली (सैनी) समाज के हजारों लोग जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर उतर आए हैं। आगे रेलवे ट्रैक पर कब्जा व राजस्थान बंद की रणनीति भी है।

माली समाज ने गांव अरौंदा-हंतरा में लगाया जाम
राजमार्ग पर भरतपुर जिले की नदबई तहसील के गांव अरौदा-हंतरा के पास जाम लगाकर हजारों आंदोलनकारी सड़क पर धरना दिए बैठे हैं। माली आरक्षण आंदोलन की वजह से एनएच 21 से जयपुर-आगरा के बीच सफर करने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

33 जिला कलेक्टरों को दिए ज्ञापन
बता दें कि सैनी समाज के लोग महात्मा ज्योतिबा राव फूले आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश संयोजक मुरारीलाल सैनी के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे हैं। तीन माह पहले समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में प्रदेशभर के सभी 33 जिला कलेक्टरों को ज्ञापन दिए थे। ज्ञापन पर सुनवाई नहीं होने पर 12 जून से गांव अरौंदा-हंतरा में एनएच 21 जाम कर दिया। एम्बुलेंस के अलावा किसी वाहन को नहीं गुजरने दिया जा रहा।

आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में प्रदेश संयोजक मुरारीलाल सैनी ने बताया कि राजस्थान में माली समाज में सैनी, कुशवाहा, शाक्य व मौर्य आदि के रूप में करीब डेढ़ करोड़ की आबादी है। माली समाज फिलहाल अन्य पिछड़ा वर्ग में आता है। समाज के लोगों की जनसंख्या के लिहाज से अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण की दरकार है। ताकि समाज के युवा आगे बढ़ सकें।

इसलिए आरक्षण मांग रहा सैनी समाज
प्रदेश संयोजक मुरारीलाल सैनी कहते हैं कि राजस्थान में सैनी समाज के लोग आरक्षण के अभाव राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक व आर्थिक स्थिति में सबसे पिछड़ा हुआ है। समाज के अधिकांश परिवार लघु कृषक व मजदूरी करते हैं। आय का स्त्रोत नहीं है। बड़ी संख्या में लोग गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में जनसंख्या के अनुपात व आर्थिक असमानता के आधार पर सरकारी नौकरियों में समाज को 12 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

सैनी समाज की आरक्षण के अलावा मांगें (Mali Aarakshan Aandolan Bharatpur Rajasthan )
1. महात्मा फुले कल्याण बोर्ड का गठन कर उसे क्रियान्वित किया जाए।
2. राजस्थान के हर शहर व कस्बे में सब्जी ठेले वालों को स्थायी जगह दी जाए।
3. महात्मा फुले बागवानी बोर्ड का गठन किया जाए।
4. महात्मा फुले दंपती के नाम से विश्वविद्यालयों में शोध केंद्रों की स्थापना की जाए।
5. महात्मा फुले जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।
6. भारतीय सेना में सैनी रेजिमेंट का गठन किया जाए।
7. सैनी माली व कुशवाह के लिए अलग से एक्ट लाया जाए।
8. फुले दंपती के नाम से संग्रहालय बनाया जाए।
9. फुले दंपती को भारत रत्न देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए।

सैनी समाज आरक्षण आंदोलन की रणनीति ऐसे बनी
मुरारीलाल सैनी के अनुसार सैनी समाज लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहा है। संगठन ने फरवरी 2022 में हुंकार भरी और भरतपुर, सवाईमाधोपुर, करौली व धौलपुर जिले के गांव-गांव में बैठक व महापंचायतें कर समाज के लोगों को जून में प्रस्तावित आंदोलन से जोड़ा। गांव-ढाणियों में पीले चावल भी बांटे। महापंचायत के बाद समाज के लोग कुम्हेर गेट से मुख्य बाजार में होते हुए जिला कलक्ट्रेट तक रैली भी निकाली।

क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद
रविवार से माली समाज के हजारों लोग हाथ में लाठी-डंडे लेकर आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर डटे हुए हैं। संभागीय आयुक्त हालात को देखते हुए जाम स्थल के आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। भरतपुर संभागीय आयुक्त सोमवार सुबह 11 बजे से भुसावर, नदबई, वैर, उच्चैन में इंटरनेट बंद है। जाम स्थल के आस-पास भारी संख्या में पुलिस व आरएएसी के जवानों को तैनात किया गया है। आंदोलनकारियों ने पुलिसकर्मियों के लिए खाना लेकर आ रही गाड़ियों तक को रोक दिया।

आठ दिन का राशन लेकर बैठे हैं-मुरारी लाल सैनी
माली समाज आरक्षण 2022 को लीड कर रहे प्रदेश संयोजक मुरारी लाल सैनी कहते हैं कि समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे। पीछे नहीं हटेंगे। आठ दिन का राशन लेकर अरौंदा-हंतरा में एनएच पर बैठे हैं। आज शाम तक कोई राजस्थान सरकार के साथ कोई सफल वार्ता नहीं होती है तो कल से राजस्थान बंद करवाया जाएगा और रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाने की रणनीति पर आगे बढ़ा जाएगा।

क्या कहते हैं केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह?
भरतपुर जिले की डीग-कुम्हेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक व गहलोत सरकार में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री विश्वेंद्र सिंह कहते हैं कि माली आरक्षण आंदोलन के नेताओं को हमने वार्ता के लिए बुलाया। गुर्जर आरक्षण आंदोलन में भी वे ट्रैक पर गए थे। अब वार्ता के लिए रोड पर भी जाने को तैयार हैं। जवाब आंदोलनकारियों को देना है। इतनी भीषण गर्मी में अगर किसी को कुछ हो गया तो कौन जवाब देगा?

सड़क पर वार्ता की मांग पर अड़ा सैनी समाज
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की ओर से केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने सोमवार सुबह आईजी प्रसन्न कुमार खमेसरा, संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, जिला कलक्टर आलोक रंजन एवं एसपी श्याम सिंह को मौके पर भेजा। प्रशासन ने जाम खुलवाने और सरकार से वार्ता के लिए समाज के नेताओं को भरतपुर सर्किट हाउस में बुलाया, लेकिन प्रदर्शनकारी जाम स्थल पर ही वार्ता करने को अड़े हुए हैं। दोपहर को भरतपुर जिला कलक्टर और आरक्षण सेनानी एवं आरक्षण प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई, जो सफल नहीं रही।

तीन घंटे तक इंतजार करते रहे मंत्री
आज कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह और संभागीय आयुक्त 3 घंटे तक संभागीय आयुक्त कार्यालय में इंतजार करते रहे, लेकिन सैनी समाज का प्रतिनिधिमंडल वार्ता करने के लिए भरतपुर नहीं पहुंचा। मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा है कि 'मुझे लगता है समाज में बात करने के लिए कोई नेता ही नहीं है। यदि कोई नेता है तो बात करने आएं'
मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि पहले सैनी समाज की मांग थी कि मंत्री विश्वेंद्र सिंह अधिकृत नहीं हैं। अब राजस्थान सरकार ने मुझे और संभागीय आयुक्त को अधिकृत भी कर दिया। अब तो वार्ता के लिए आएं'












Click it and Unblock the Notifications