राजस्थान: बैठक से पहले धारीवाल के घर क्यों पहुंचे थे कांग्रेस विधायक? महेश जोशी ने बताई वजह
जयपुर, 26 सितंबर: राजस्थान में रविवार के देखने को मिले आया सियासी ने कांग्रेस आलाकमान की टेंशन बढ़ा दी है। अशोक गहलोत ने प्रेशर पॉलिटिक्स चलते कल रात जयपुर में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। जिसके चलते विधायकों की बैठक रद्द कर दी गई। अब इस मामले में राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी ने कहा कि, दो दिन पहले विधायक दल की बैठक हुई थी अचानक फिर से बैठक आ गई जिस पर लोगों के मन में सवाल आया कि फिर से बैठक क्यों बुलाई गई है... 7 बजे बैठक थी और हमने लोगों को धारीवाल जी के घर पर 5 बजे विचार-विमर्श के लिए बुलाया था।

महेश जोशी ने कहा कि, हमारा मकसद था कि विधायक दल की बैठक में तरह-तरह की बातें न उठे और इसलिए हमने आपस में बात करने का निर्णय लिया था। वहां पर सारी बातें साफ तरीके से हुई और सभी विधायकों ने हमारी बात का समर्थन किया। मैं नहीं समझता कि किसी भी विधायक ने बिना पढ़े पत्र पर हस्ताक्षर किया और अगर किसी ने बिना पढ़े हस्ताक्षर किया है तो वे अध्यक्ष से जाकर मिल सकते हैं।
मंत्री महेश जोशी ने कहा कि, हमारी मांग है कि जिन्होंने कांग्रेस को कमज़ोर करने की और सरकार गिराने की कोशिश की उनमें से किसी को भी CM के पद लिए न चुना जाए। आलाकमान किसी को भी सीएम बना सकता है, नया सीएम बना सकता है या सीएम गहलोत को बरकरार रख सकता है, यह उन लोगों में से नहीं होना चाहिए जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत की, इसे कमजोर करने की कोशिश की।
इससे पहले राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कांग्रेस महासचिव व पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि, राजस्थान के विधायक गद्दारों को पुरस्कृत करना बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक महासचिव खुद प्रचार कर रहे हैं, ऐसे में ज़ाहिर तौर पर एमएलए को नाराज़ होना ही था। मेरे पास नाराज़ विधायकों के फोन आए।
धारीवाल ने कहा कि, हम 34 दिन (2020) तक होटलों में इकट्ठा हुए थे आप उनमें से किसी को भी मुख्यमंत्री बनाओ। सोनिया जी जिसे कहेंगी उसे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।सीएम गहलोत ने हमेशा हाईकमान के निर्देशों का पालन किया है। हाई कमान ने (2020 में वापस) उनसे गलत लोगों को समायोजित करने के लिए कहा था और उन्होंने जो कहा था (सचिन पायलट को शामिल करने के लिए) स्वीकार किया। यह 100% सीएम (अशोक गहलोत) को हटाने की साजिश थी और प्रभारी महासचिव इसका हिस्सा थे। मैं किसी और की बात नहीं कर रहा, खड़गे पर कोई आरोप नहीं बल्कि प्रभारी महासचिव की बात कर रहा हूं।












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