Vaibhav Sooryavanshi Family: बेटे के सपने के लिए पिता ने लगाया सब कुछ, वैभव के परिवार में कौन क्या करता है?
Vaibhav Sooryavanshi Family: आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी इन दिनों खेल जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के रहने वाले वैभव ने इतनी कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। वैभव सूर्यवंशी के इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है। वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी भी एक क्रिकेटर थे। वे खुद एक समय पर पेशेवर क्रिकेटर बनना चाहते थे और क्लब स्तर पर खेलते थे, लेकिन उस समय बिहार क्रिकेट बोर्ड को मान्यता न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। लेकिन अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ लगा दिया।
वैभव की तरह परिवार के लोगों ने भी छोड़ी छाप (Vaibhav Sooryavanshi Family)
दिलचस्प बात यह है कि वैभव सूर्यवंशी के अलावा उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी हाल के दिनों में प्रशासनिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शीर्ष स्तर पर कामयाबी की नई इबारत लिख रहे हैं। दूसरी तरफ आईपीएल में सबसे अधिक अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी भी वैभव सूर्यवंशी बने। उन्होंने इस उपलब्धि को लेकर कई बातों का जिक्र भी किया है।

नाना बने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार
वैभव सूर्यवंशी की खेल के मैदान पर दमदार सफलता के बीच उनके परिवार को शैक्षणिक क्षेत्र से एक बड़ी खुशखबरी मिली। वैभव के नाना, अभय सिंह को नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी (NOU) का नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। इस पद पर उनकी नियुक्ति ने परिवार की सामाजिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूती दी है।
मामा बने IPS अधिकारी, UPSC में हासिल की 102वीं रैंक
शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में इस परिवार का दबदबा यहीं खत्म नहीं होता। वैभव के मामा, अभिषेक चौहान ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 102वीं रैंक हासिल की है और अब वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी के रूप में देश को अपनी सेवाएं देंगे।
चाची का राजनीति और प्रशासन में दबदबा
खेल और प्रशासन के अलावा यह परिवार स्थानीय स्तर पर राजनीतिक रूप से भी सक्रिय है। वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी की पत्नी और वैभव की चाची, कृति प्रिया ने हाल ही में ताजपुर नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज की है। इस राजनीतिक सफलता ने स्थानीय स्तर पर परिवार के प्रशासनिक रसूख को और आगे बढ़ाया है।
माता-पिता ने किया बड़ा त्याग
वैभव को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान रहा है। समस्तीपुर के एक साधारण परिवेश से निकलकर आईपीएल के सबसे सफल बल्लेबाज बनने के इस सफर में उनके माता-पिता ने वैभव के अनुशासन, अभ्यास और खेल की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा। परिवार के सामूहिक मार्गदर्शन और प्रेरणा ने ही वैभव को महज 15 साल की उम्र में दबाव के क्षणों में भी शांत रहकर प्रदर्शन करने की परिपक्वता दी है।















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