राजस्थान में सब्जी बेच रहा हॉकी का नेशनल खिलाड़ी, जानिए कैसे टूटे अरमान?
पाली, 27 अगस्त। तस्वीर राजस्थान के पाली जिले के निमाज कस्बे के बस स्टैण्ड की है। इसमें सब्जी बेचने वाले का नाम लक्ष्मण सोलंकी है। ये हॉकी के नेशनल खिलाड़ी रह चुके हैं। दो बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

ख्वाब इंटरनेशनल लेवल से भारत के लिए मेडल लाने का था, मगर लक्ष्मण की किस्मत दगा कर गई और इंटरेनशनल हॉकी खिलाड़ी बनने के अरमान टूट गए। हॉकी के मैदान पर दांव लगाने वाला लक्ष्मण आज परिवार का पेट भरने के लिए सब्जी बेचने को मजबूर है।
बता दें कि लक्ष्मण सोलंकी स्कूल के दिनों में अंडर 14 हॉकी खेलते थे। हनुमानगढ़ में इंटरनेशनल गोलकीपर का चैलेंज स्वीकार करते हुए गोल दागा था। उसके बाद लक्ष्मण में हर कोई भारतीय हॉकी टीम का भविष्य का खिलाड़ी देखने लगा था।
मीडिया से बातचीत में लक्ष्मण सोलंकी कहते हैं कि कुछ समय तो ठीक चल रहा था। फिर लक्ष्मण का एक्सीडेंट हो गया। सड़क हादसे की वजह से वे छह माह तक बिस्तर पर रहे। जब वापस हॉकी के मैदान पर लौटा तो उसने पाया कि उसके अरमान टूट चुके हैं। विपरीत हालातों के बीच स्कूल से भी नाता टूट गया।
इसके बाद लक्ष्ण सोलंकी का हॉकी से साथ नहीं जुड़ पाया। खुद के इलाज का खर्च और परिवार की कमजोर आर्थिक की स्थिति की वजह से लक्ष्मण ने कस्बे के बस स्टैंड पर सब्जी की दुकान लगा ली। हालांकि अभी भी अक्सर लक्ष्मण शाम को खेल मैदान पर युवाओं के साथ हॉकी खेलते नजर आते हैं।
पाली जिले के हॉकी संघ के पूर्व सचिव जोधाराम गुर्जर कहते हैं कि निमाज कस्बे से हॉकी के कई बेहतरीन खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन हॉकी खिलाड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बेहतर खेल मैदान तक नहीं।












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