जाट आरक्षण आंदोलन: आरक्षण के लिए भरतपुर-धौलपुर के जाटों ने 22 के बाद क्या प्लान बनाया है?
Jat Movement Rajasthan 2024: केंद्र में भी ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान के भरतपुर-धौलपुर के जाटों ने 17 जनवरी 2024 से महापड़ाव शुरू कर दिया।
राजस्थान के सिर्फ इन दो ही जिलों के जाटों ने भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में दिल्ली-मुम्बई रेलवे ट्रेक के पास महापड़ाव डाला है।

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गांव जयचौली ने जाटों ने महापड़ाव स्थल पर बड़ा टेंट लगाया है। पहले दिन दोनों जिलों से करीब एक हजार लोग पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में यह सख्या बढ़ सकती है। भरतपुर लोकसभा क्षेत्र में जाटों की संख्या साढ़े छह लाख है जबकि धौलपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 10 हजार जाट हैं।
राजस्थान जाट आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार कहते हैं कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इस रूट से भी बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या जा रहा है।
राम भक्तों को कोई दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े इसलिए जाटों ने तय किया है कि 22 जनवरी तक शांतिपूर्ण तरीके से सिर्फ महापड़ाव जारी रखेंगे। इसके बाद का भी पूरा प्लान बना रखा है।
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वन इंडिया हिंदी से बातचीत में नेम सिंह फौजदार कहते हैं कि अब 2024 में भी भरतपुर-धौलपुर के जाट साल 2017 जैसा आंदोलन करेंगे। जयचौली समेत दोनों जिले में विभिन्न जगहों पर रेल मार्ग रोक जाएगा। सड़क भी जाम करेंगे।
अन्य नेताओं का मिल रहा साथ
फौजदार की मानें तो भरतपुर के बयाना की निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत, पूर्व मंत्री व भरतपुर से विधायक सुभाष गर्ग, बैर से विधायक बहादुर कोली ने भी सपोर्ट किया। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह तो हमारी संघर्ष समिति के संरक्षक हैं।
250 जाट रहेंगे महापड़ाव पर
फौजदार कहते हैं कि महापड़ाव के पहले दिन करीब 250 आदमी महापड़ाव स्थल पर ही सोएंगे। उनके लिए रहने व भोजन की व्यवस्था की है, जिसका खर्च दोनों जिले के जाट मिलकर उठा रहे हैं। कल से लोगों की संख्या बढ़ जाएगी।












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