Jat Andolan Rajasthan: आरक्षण के लिए जाटों ने बनाया धांसू प्लान, सरकार को 22 तक का अल्टीमेटम
Jat Agitation Bharatpur Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में भरतपुर व धौलपुर के जाट 20 जनवरी को चौथे दिन पर महापड़ाव डाले बैठे रहे।
भरतपुर-धौलपुर के जाट राज्य की तर्ज पर केंद्र में भी सरकारी सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण मांग रहे हैं। राजस्थान में सिर्फ भरतपुर-धौलपुर के ही जाटों को केंद्र से ओबीसी आरक्षण नहीं है जबकि शेष जिलों के जाटों को है।

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गांव जयचौली में दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग से 500 मीटर दूर टेंट लगाकर 17 जनवरी से बैठे जाट 22 जनवरी 2024 तक शांतिपूर्ण तरीके से आरक्षण आंदोलन चला रहे हैं। इसके बाद सख्त कदम उठाएंगे।
फिलहाल दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग से राम भक्त बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंच रहे हैं। जाट आरक्षण आंदोलन के नेता चाहते हैं कि उनके आंदोलन की वजह से कोई राम भक्त परेशान नहीं हो। ऐसे में उन्होंने सरकार को 22 जनवरी तक का अल्टीमेटम दे रखा है।
भरतपुर धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार कहते हैं कि हमने साल 2017 में भी आरक्षण के आंदोलन किया था। तब हमारा पत्र केंद्र सरकार तक पहुंचाया गया, मगर उसके बाद कुछ नहीं हुआ। ऐसे में दुबारा आंदोलन करना पड़ रहा है।
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फौजदार की मानें तो साल 2024 का भरतपुर-धौलपुर आरक्षण आंदोलन साल 2017 वाले से भी चार गुना बड़ा होगा। इस बार दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग व सड़क जाम करने की योजना है। अभी तो आंदोलन संघर्ष समिति के हाथ में है, मगर 22 जनवरी का अल्टीमेटम खत्म हो जाने के बाद यह जाट समाज के लोगों के हाथ में चला जाएगा।
बता दें कि जयचौली महापड़ाव स्थल पर दिनोंदिन आंदोलनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार शाम को हाथ में लाठी व तलवार लेकर महिलाएं भी महापड़ाव स्थल पर पहुंची।












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