'मैंने खुद लाशें देखी हैं',लखनऊ में 15 मौत पर रोने लगे डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, अग्निकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी
Lucknow Coaching Institute Fire (Brajesh Pathak): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून दोपहर एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग में भीषण आग लगने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें ज्यादातर छात्र हैं, इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। अग्निकांड की त्रासदी इतनी भयानक थी कि मौके पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद को संभाल नहीं पाए।
मीडिया से बात करते हुए इस खौफनाक मंजर का जिक्र आते ही डिप्टी सीएम कैमरे के सामने ही रो पड़े। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, "मैंने अपनी आंखों के सामने मासूमों की लाशें निकलती देखी हैं, यह मंजर बेहद गंभीर और असहनीय है।" मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है।

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा,
"इस घटना में 14 बच्चों की मौत हो गई है (खबर लिखे जाने तक संख्या 15 है), जबकि चार घायलों को KGMC ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हाई-लेवल जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में अपने सभी तय प्रोग्राम कैंसिल कर रहे हैं और घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। हमारी प्राथमिकता घायलों को सबसे अच्छा मेडिकल इलाज देना है। यह कैसे और क्यों हुआ, इसकी जानकारी जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी। अधिकारियों ने मौके पर सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया है और कन्फर्म किया है कि कोई बच्चा फंसा नहीं है। जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार ने प्रभावित परिवारों को अपना पूरा सपोर्ट दोहराया है और कहा है कि सभी ज़रूरी मदद दी जाएगी।"
Lucknow Fire: लखनऊ कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैसे लगी आग? अब-तक क्या-क्या हुआ?
- यह पूरी घटना सोमवार (22 जून) दोपहर करीब 2:15 बजे की है। लखनऊ के बिजी अलीगंज इलाके की एक बहुमंजिला इमारत अचानक आग के शोलों और काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। जान गंवाने वाले ज्यादातर युवा छात्र हैं जो यहां अपने भविष्य को संवारने आए थे।
- शुरुआती जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगने की वजह बेसमेंट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है। बेसमेंट से उठी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरी सीढ़ी को धुएं से भर दिया। रास्ता ब्लॉक होने के कारण दूसरे फ्लोर पर मौजूद छात्रों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। घबराए हुए बच्चों ने खुद को बचाने के लिए लाइब्रेरी के बाथरूम में बंद कर लिया, लेकिन घना धुआं वहां भी पहुंच गया और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
- इस पूरी बिल्डिंग में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) और क्लीनिक संचालित हो रहा था। वहीं दूसरी फ्लोर 'लर्निंग स्पेस' नाम की एक लाइब्रेरी कम कोचिंग सेंटर था। इसके साथ ही यहां 'हेड हॉपर स्टूडियो' भी था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम बड़े पैमाने पर किया जाता था।
- इस बीच एक छात्र ने अपनी जान बचाने के लिए पहले फ्लोर से नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वह नीचे लगी लोहे की नुकीली ग्रिल पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
- रेस्क्यू टीम को जब अंदर जाने का रास्ता नहीं मिला, तो उन्होंने बिल्डिंग की पीछे की कंक्रीट की मजबूत दीवार को कटर से तोड़ा और फिर अंदर घुसकर शवों और बेहोश बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। मौके पर हालात इतने खराब थे कि घायलों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक कम पड़ गईं। सभी घायलों को तुरंत केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की वाइस चांसलर प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने अलीगंज अग्निकांड को लेकर कहा कि इस हादसे में जितने भी घायलों को बचाना संभव है, हमारी पूरी टीम उन्हें बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि जिन लोगों की इस हादसे में जान चली गई है, उनके शवों का पंचनामा करके आगे की जरूरी ऑटोप्सी (पोस्टमार्टम) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे 6 शव, युवाओं की मौत से कोहराम
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब तक 6 मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा जा चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक जान गंवाने वाले इन सभी युवाओं की उम्र महज 25 से 30 साल के बीच थी, जो अपने करियर के शुरुआती पड़ाव पर थे।
पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- सागर (उम्र 27 वर्ष)
- नीलेश (उम्र 27 वर्ष)
- अनामिका (उम्र 28 वर्ष)
- श्याम (उम्र 30 वर्ष)
- अनुचा (उम्र 25 वर्ष)
- सोमलया (उम्र 30 वर्ष)
फिलहाल अन्य शवों की शिनाख्त और कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने का काम जिला प्रशासन की तरफ से तेजी से किया जा रहा है।

अलीगढ़ का दौरा छोड़ तुरंत लखनऊ लौटे CM योगी
हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ के दौरे पर थे। जैसे ही उन्हें लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने और बच्चों की मौत की सूचना मिली, उन्होंने अपना दौरा बीच में ही रोक दिया। सीएम योगी ने अलीगढ़ में ही मीडिया से कहा, "मुझे अभी लखनऊ हादसे की दुखद खबर मिली है। कुछ बच्चों की असामयिक मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है। मैं तुरंत लखनऊ वापस लौट रहा हूं।"
मुख्यमंत्री योगी ने डीजीपी (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को फौरन घटनास्थल का निरीक्षण करने और विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस लापरवाही की तह तक जाया जाएगा और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान, राष्ट्रपति और विपक्ष ने जताया दुख, किसने क्या कहा?
इस भीषण हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की घटना से मन अत्यंत दुखी है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2-2 लाख और सभी घायलों को ₹50,000 की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
- राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा): "लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर बेहद पीड़ादायक है। इस मुश्किल घड़ी में मेरी पूरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।"
- मायावती (बसपा प्रमुख): "इस तरह की जानलेवा घटनाएं दिल दहला देने वाली होती हैं, जो कई हंसते-खेलते परिवारों के सपनों को बिखेर देती हैं। अब समय आ गया है कि केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय सभी संबंधित विभाग मिलकर सख्त कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को दोबारा होने से पूरी तरह रोका जा सके।"
- अखिलेश यादव: "जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। जिन परिवारों ने इस त्रासदी में अपने मासूम बच्चों और अपनों को हमेशा के लिए खो दिया है, हम उनके इस असहनीय दर्द में साथ खड़े हैं और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।"














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