Shiv Sena में 6 बागी सांसद हुए शामिल, कौन हैं ये तीन संजय? डिप्‍टी सीएम एकनाथ शिंदे ने किया जिक्र

Shiv Sena UBT Split: महाराष्ट्र में कई दिनों से आया राजनीतिक बवंडर आखिरकार आज थम गया। 22 जून 2026 (सोमवार) को उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने उपमुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस दलबदल ने न केवल उद्धव खेमे को कमजोर किया है, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा को भी एक नया मोड़ दे दिया है।

कौन हैं ये छह सांसद? शिंदे शिवसेना की बढ़ाई ताकत

शिंदे गुट में शामिल होने वाले ये सांसद संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, पाटिल-अष्टिकर और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर हैं। इन सभी सांसदों ने 17 जून को दिल्ली में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बना ली थी। तभी से राजनीतिक गलियारों में इनके पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो अब सच साबित हो चुकी हैं।

Shiv Sena UBT Split

शिंदे बोले- 'सीधे 'सिक्सर' मारा, हमारे पास तीन संजय हो गए'

उपमुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुद इन सभी सांसदों का अपनी पार्टी में स्वागत किया और इसे अपनी ऐतिहासिक लड़ाई का अगला कदम बताया। इस मौके पर उन्होंने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि अब उनके पास 'तीन संजय' आ गए हैं। शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम को क्रिकेट की भाषा में समझाते हुए कहा कि इस बार उन्होंने राजनीतिक पिच पर सीधे 'सिक्सर' मारा है।

कौन हैं ये तीन संजय?

ये तीन संजय उद्धव ठाकरे से बगावत करके शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले सांसद हैं और 2022 की अभिभाजित शिवसेना में एकनाथ के करीबी नेताओं में से थे। जिसमें संजय दीना पाटिल मुंबई नार्थ ईस्‍ट से, संजय उत्‍तमराव देशमुख वाशिम से और संजय जाधव परभनी लोकसभा सीट से सांसद हैं।

एकनाथ शिंदे ने क्‍यों किया इनका जिक्र?

शिंदे का यह बयान दरअसल उद्धव ठाकरे गुट के सांसद और प्रवक्‍ता संजय राउत पर राजनीतिक तंज था। राउत लंबे समय से शिंदे के सबसे मुखर आलोचक रहे हैं। इसलिए शिंदे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उनके पास "एक नहीं, तीन-तीन संजय" हैं।

'छह टाइगर' हमारे साथ

नए सदस्यों का स्वागत करते हुए शिंदे ने उन्हें 'छह टाइगर' करार दिया जो अब उनके बड़े राजनीतिक परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी में कोई मालिक या नौकर नहीं है, बल्कि सभी मिलकर एक समान स्तर पर काम करते हैं। शिंदे ने भरोसा दिलाया कि नए सांसदों के क्षेत्रों में लंबित पड़े सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

वर्ष 2022 में हुई अपनी पहली बगावत का जिक्र किया

पुराने दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 में हुई अपनी पहली बगावत का जिक्र किया, जब 40 विधायकों ने उनका साथ दिया था। उन्होंने दावा किया कि वे और उनके साथी हमेशा से बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शिंदे के अनुसार, ये सभी छह सांसद किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि 'असली शिवसेना' की नीतियों से प्रभावित होकर उनके साथ आए हैं।

Shiv Sena UBT में सेंध के घायल Uddhav Thackeray सड़क पर उतरेंगे, बागियों के गढ़ में करेंगे शक्ति प्रदर्शन
Shiv Sena UBT में सेंध के घायल Uddhav Thackeray सड़क पर उतरेंगे, बागियों के गढ़ में करेंगे शक्ति प्रदर्शन

बगावत के पीछे विकास क्‍या है वजह?

इस बड़े राजनीतिक फेरबदल के पीछे के कारणों पर जब बागी सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर से सवाल किया गया, तो उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। राजे निंबालकर ने विकास कार्यों को इसकी मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने वाले सांसदों को अपने क्षेत्रों के लिए पर्याप्त विकास निधि नहीं मिल पा रही थी। उनके मुताबिक, मौजूदा दौर में विकास सुनिश्चित करने के लिए सत्ता के प्रवाह के साथ चलना एक व्यावहारिक जरूरत बन गया है।

Amit Shah बोले- 'एक ही शिवसेना बची है', उद्धव गुट में 6 सांसदों की बगावत के बाद अमित शाह के बयान ने मचाई खलबली
Amit Shah बोले- 'एक ही शिवसेना बची है', उद्धव गुट में 6 सांसदों की बगावत के बाद अमित शाह के बयान ने मचाई खलबली
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+