जयपुर सीरियल ब्लास्ट: 17 साल पुराने जिंदा बम मामले में आएगा कोर्ट का फैसला, फिरोज खान भी पकड़ा गया

Jaipur Serial Blasts News: जयपुर में 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों से जुड़ीं दो खबर हैं। एक जयपुर सीरियल ब्लास्ट में की साजिश में शामिल मोस्ट वांटेड आतंकी अलसुफा संगठन का खजांची फिरोज खान उर्फ सब्जी को एनआईए और एटीएस ने रतलाम गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी खबर यह कि 17 साल पहले जयपुर के चांदपोल बाजार में जिंदा बम मामले में आज कोर्ट का फैसला आएगा।

सबसे पहले बात फिरोज के पकड़े जाने की। लंबे समय से फरार फिरोज को पकड़ने के लिए एजेंसियों ने कई बार दबिश दी थी, लेकिन हर बार वह बच निकलता था। ईद 2025 के मौके पर वह अपने परिवार से मिलने घर आया था, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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अब एनआईए (NIA) और एटीएस (ATS) उसके नेटवर्क की जांच कर रही हैं। एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या फरारी के दौरान उसने कोई नया आतंकी नेटवर्क तैयार किया था?

गिरफ्तारी के बाद कई लोग रडार पर

जांच एजेंसियों को संदेह है कि फिरोज तीन साल तक फरारी के दौरान किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में था। अब यह भी देखा जा रहा है कि क्या उसने नए आतंकी गतिविधियों की योजना बनाई थी?

इसके अलावा, उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने फिरोज को फरारी के दौरान शरण दी थी। पुलिस ने उसके फोन रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। जो भी लोग उसकी मदद में शामिल थे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कोई हमला करने की योजना थी?

सूत्रों के अनुसार, फिरोज जयपुर या राजस्थान में किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा था। एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या वह आगामी चुनावों के दौरान किसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था?

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इससे पहले, 2022 में निंबाहेड़ा से गिरफ्तार आतंकियों ने खुलासा किया था कि वे जयपुर में धमाकों की साजिश रच रहे थे और इसका मकसद आतंकी संगठन 'सूफा' को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना था। 1 अप्रैल 2025 की रात रतलाम एसपी अमित कुमार को इनपुट मिला कि फिरोज आनंद कॉलोनी में अपने घर आया है। एएसपी राकेश खाका की टीम ने बुधवार तड़के 4:30 बजे छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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फिरोज के परिवार पर भी गिर सकती है गाज

एनआईए अब फिरोज के परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिरोज को रतलाम के आनंद कॉलोनी में उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या उसके परिवार को उसकी मौजूदगी की जानकारी थी, और क्या वे उसकी फरारी में किसी तरह शामिल थे?

जयपुर सीरियल ब्लास्ट 2008: घटनाओं की पूरी टाइमलाइन

🔹 13 मई 2008 - जयपुर में आठ जगह धमाके
जयपुर में एक के बाद एक 8 बम धमाके हुए, जिनमें 80 से ज्यादा लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। धमाके मुख्य रूप से पुराने जयपुर के बाजारों और पर्यटन स्थलों के पास हुए।

🔹 14 मई 2008 - इंडियन मुजाहिदीन का ईमेल
धमाकों के अगले दिन आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने ईमेल भेजकर हमले की जिम्मेदारी ली।

🔹 2008-2012 - जांच और गिरफ्तारियां
जांच एजेंसियों ने कई आतंकियों को पकड़ा, लेकिन फिरोज खान और कुछ अन्य संदिग्ध फरार हो गए।

🔹 2022 - निंबाहेड़ा में 12 किलो आरडीएक्स के साथ आतंकी गिरफ्तार
निंबाहेड़ा में तीन आतंकियों - जुबैर मोहम्मद, अल्तमस खान और सरफुद्दीन उर्फ सेफुल्ला - को गिरफ्तार किया गया, जो जयपुर में नए धमाकों की साजिश रच रहे थे।

🔹 2025 - फिरोज खान गिरफ्तार
1 अप्रैल 2025 को फिरोज के रतलाम में मौजूद होने की खबर मिली। पुलिस ने तड़के 4:30 बजे दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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जयपुर सीरियल ब्लास्ट: चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट का फैसला

जयपुर में 17 साल पहले हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दौरान रामचंद्र मंदिर, चांदपोल के पास मिले जिंदा बम मामले में आज (शुक्रवार) विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत के जज रमेश कुमार जोशी इस केस में चार आरोपियों के खिलाफ अपना निर्णय सुनाएंगे।

इससे पहले, अदालत ने 29 मार्च को फैसला सुनाने का दिन तय किया था, लेकिन पिछली सुनवाई में फैसला टाल दिया गया था। अब इस बहुचर्चित मामले का फैसला आज आएगा।

पहले भी फांसी की सजा मिली, फिर हाईकोर्ट ने किया बरी

जयपुर में 13 मई 2008 को चारदीवारी क्षेत्र में आठ सीरियल बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

इस केस में 20 दिसंबर 2019 को विशेष अदालत ने चार आरोपियों - सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और एक नाबालिग को फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने जांच में खामियां पाते हुए 29 मार्च 2023 को सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई लंबित है।

यह भी पढ़ें- Jaipur Bomb Blast: कौन हैं जयपुर ब्‍लास्‍ट के आरोपियों को बिना फीस लिए फांसी से बचाने वाले 18 वकील?

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