जैन परिवार के इकलौते बेटे Jainam Jain ने अमेरिका में नौकरी छोड़कर चुना संयम पथ, बहन US आर्मी में कैप्टन
सिरोही, 29 दिसम्बर। राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा कस्बे के रहने वाले जैन परिवार के 27 वर्षीय इकलौते बेटे जैनम ने संयम का मार्ग चुना है। इनका परिवार अमेरिका रहता है। जैनम जैन की बहन शोनिका जैन यूएस आर्मी में कैप्टन है।

महंत स्वामी महाराज के हाथों दीक्षा ग्रहण की
बता दें कि जैनम जैन ने गुजरात के बडोदरा के पास चाणसद गांव में आयोजित कार्यक्रम में बीएपीएस संस्था के सबसे बड़े संत महंत स्वामी महाराज के हाथों दीक्षा ग्रहण की है। यह जगह स्वामी नारायण संस्था के पांचवें सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु प्रमुख स्वामी महाराज का जन्म स्थल है।

चार पहले छोड़ी नौकरी
चार साल पहले जैनम जैन ने अमेरिका से अपनी नौकरी छोड़कर सालंगपुर में बीएपीएस स्वामीनारायण गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की अब ये अपना शेष जीवन आत्मकल्याण व समाज कल्याण में व्यतीत करेंगे।

न्यूयॉर्क के हैरिक्स हाई स्कूल से की पढ़ाई
बता दें कि जैनम जैन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा न्यूयॉर्क के हैरिक्स हाई स्कूल से की। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट और आर्किटेक्ट की डिग्रियां प्राप्त की।

अमेरिका से गुजरात आ गए
तबला वादन, डिजाइनिंग व लेखन के क्षेत्र में विशेष रुचि रखने वाले जैनम ने मैनहेटन में स्थित कंपनी की नौकरी छोड़ी और 4 साल पहले अमेरिका से गुजरात आ गए।

1986 में गए थे गुजरात
जैनम ने शादी नहीं की। इस पर उनका तर्क था कि त्याग की भावना को लेकर समाज सेवा करने से कई परिवारों को फायदा मिलेगा। जैनम के पिता सिरोही के पिंडवाड़ा के रहने वाले हैं। वे 1986 में न्यूयॉर्क चले गए थे। वहां पर खुद का इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम का हॉलसेल काम शुरू किया।

शेनिका अमेरिकन आर्मी के यूनिवर्सिटी अस्पताल में कार्यरत
जैनम जैन की बहन डॉ. शेनिका वर्तमान में अमेरिकन आर्मी के यूनिवर्सिटी अस्पताल में कार्यरत है। शेनिका भारतीय मूल की पहली महिला है, जो अमेरिकन आर्मी में है और सर्जन के रूप में कार्य कर रही हैं।












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