• search
राजस्थान न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

लॉकडाउन के चलते राजस्थान के जीतास गांव में फंसी इटली की डॉलीसांद्रो सीख गईं राबड़ी-छाछ बनाना

|

मंडावा (झुंझुनूं). ये कोरोना संकट है। लॉकडाउन का वक्त है। क्या से क्या नहीं करवा सकता। अब इटली की इस गौरी मेम को ही देख लो राजस्थान के गांव में छाछ-राबड़ी तक बना ले रही है। देसी चूल्हे पर रोक पकाना तक सीख गई हैं। हुआ यूं कि राजस्थान के झुंझुनूं जिले में मंडावा कस्बा दिल की झरोखे सी हवेलियों के लिए फेमस है। ओपन आर्ट गैलेरी सी इन हवेलियों को निहारने के लिए हर साल यहां लाखों विदेशी पर्यटक आते हैं।

इटली की अमिता डॉलीसांद्रो को वापसी का इंतजार

इटली की अमिता डॉलीसांद्रो को वापसी का इंतजार

16 मार्च 2020 को इटली की अमिता डॉलीसांद्रो भी मंडावा पहुंची। उस वक्त कोरोना वायरस का संक्रमण कम था, मगर फिर अचानक बढ़ गया था। 22 मार्च 2020 को देश में जनता कर्फ्यू और फिर 25 से देशभर में लॉकडाउन घोषित हो गई। अमिता डॉलीसांद्रो यहां फंस गई। वतन वापस नहीं हो सकी।

गुलाब जी चाय वाले नहीं रहे : गुलाबी नगर जयपुर में 50 साल से घोल रहे थे 'रिश्तों' में मिठास

वीरेन्द्र सिंह का दिल्ली में फोटोग्राफी क्लब

वीरेन्द्र सिंह का दिल्ली में फोटोग्राफी क्लब

दरअसल, मंडावा के गांव जीतास के सेवानिवृत सुबेदार हरिसिंह का बेटा वीरेन्द्र सिंह शेखावत दिल्ली में दिल्ली फोटोग्राफी क्लब चलाता है। वीरेन्द्र सिंह ने 2010 में क्लब की स्थापना की थी। इटली की अमिता डॉलीसन्द्रो सहित देश विदेश के अनेक कलाकार इस क्लब से जुड़े हैं।

 दिल्ली से आई झुंझुनुं के गांव जीतास

दिल्ली से आई झुंझुनुं के गांव जीतास

अमिता डॉलीसांद्रो ने बताया कि वह फरवरी में दिल्ली फोटोग्राफी क्लब में आई थी। वहां से 19 मार्च को जीतास गांव आई। फिर लॉकडाउन हो जाने के कारण वह वापस दिल्ली नहीं जा सकी। वह एक साल के वीजा पर आई है। वह यहां रिटायर्ड सूबेदार हरिसिंह शेखावत के घर के एक कमरे में रह रही है।

 राजस्थानी भोजन लाजवाब है

राजस्थानी भोजन लाजवाब है

अब अमिता डॉलीसांद्रो गांव जीतास के माहौल में ढल चुकी है। थोड़ी-थोड़ी हिंदी बोलना भी सीख गई हैं। यही नहीं बल्कि खुद ही नाश्ता व भोजन बना लेती है। बाजरे की राबड़ी व रोटी, चटनी व रायता बनाना भी सीख चुकी हैं। कई बार तो उसने गैस की बजाय चूल्हे पर भी रोटी बनाई है।

 पेंटिंग बनाकर बीता रही समय

पेंटिंग बनाकर बीता रही समय

अब अमिता डॉलीसांद्रो ने बताया कि वह लॉकडाउन के चलते यहां फंसने के बाद गांव में जगह-जगह पेंटिंग बनाकर समय बीता रही है। फिलहाल गांव जीतास में उसे कोई समस्या नहीं है। हरिसिंह का परिवार उसका अपनों की तरह ख्याल रख रहा है। डॉलीसांद्रो इटली में रह रही अपनी आठ साल की बेटी को बहुत याद कर रही है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Italian woman Tourist Making Chach Rabdi in mandawa Jhunjhunu Rajasthan
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X