राजस्थान में आरपीएससी का एक और गुनहगार पुलिस के हत्थे चढ़ा, डमी कैंडिडेट से एग्जाम दिलाने का आरोप

Rajasthan RPSC Exam: राजस्थान में अजमेर आरपीएससी के एग्जाम में फर्जी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने के मामले में पुलिस के हत्थे एक ओर शातिर आरोपी चढ़ा है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान गड़बड़ी पकड़ने पर टोंक पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।

आरपीएससी की ओर से वर्ष 2022 में हुई वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा में फर्जी अभ्यार्थी को परीक्षा दिलाने का एक और मामला सामने आया है। टोंक एएसपी गीता चौधरी ने अजमेर से टोंक एक बिलोया निवासी आरोपी रामलाल मीना को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।

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अब टोंक पुलिस आरोपी से पूरे मामले में शामिल गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल टोंक पुलिस को आरोपी ने मामले में शामिल हनुमान मीना का नाम बताया है जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है।

दरअसल आरपीएससी के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने 15 मई को देर रात 10.48 बजे अजमेर के सिविल लाईन थाने में मामला दर्ज कराया है। दर्ज प्रकरण के अनुसार अभ्यार्थी ने अपनी जगह किसी और से परीक्षा दिलवायी थी लेकिन जब जांच के दौरान फोटो का मिलान नहीं हुआ तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया।वहां इस संबंध में पुलिस ने जीरो नम्बर एफआईआर दर्ज की है। दस्तावेज़ों के सत्यापन के दौरान पकड़ा गया फर्जीवाड़ा।

टोंक एएसपी गीता चौधरी ने बताया कि आयोग के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने एफआईआर में बताया कि वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत शिक्षा विभाग भर्ती परीक्षा 2022 के लिए अभ्यार्थी टोंक जिले के बिलोता गांव निवासी रामलाल मीणा ने सामाजिक विज्ञान में ऑनलाईन आवेदन किया था।

इसके बाद आयोग ने 12 फरवरी 2023 को सामान्य ज्ञान एवं 13 फरवरी को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित हुई. रामलाल मीणा का परीक्षा केंद्र टोंक के सुभाष बाजार स्थित राजकीय दरबार सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में आया था।

आयोग के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने एफआईआर में बताया कि रामलाल मीणा परीक्षा में पास भी हो गया था. इसके बाद आयोग ने दस्तावेज़ों के सत्यापन के लिए 13 से 17 मई को अभ्यार्थी को बुलाया था.अभ्यार्थी टोंक जिले के उनियारा बिलोता निवासी रामलाल मीणा 15 मई को सत्यापन के लिए आरपीएससी आया।

इस दौरान जांच में सामने आया कि रामलाल मीणा की परीक्षा केंद्र पर अटेडेंट शीट में लगी फोटो एवं एप्लिकेशन फार्म पर लगी फोटो अलग-अलग हैं जिससे साबित हुआ कि रामलाल ने परीक्षा किसी और से दिलवाई थी। इस चालाकी के पकड़े जाने बाद बुधवार शाम को आरपीएससी की ओर से यह मामला दर्ज कराया गया है।

गौरतलब है कि इस मामले में उनियारा क्षैत्र के एक थानेदार चेतन मीणा गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि उनियारा उपखंड के बिलोता गांव के निवासी हनुमान मीणा की भी एसओजी को इस मामले में तलाश है. एसओजी ने हनुमान मीणा पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ है.

सिविल लाईन थाना अजमेर में आरपीएससी की ओर से रामलाल मीणा के खिलाफ परीक्षा में फर्जी अभ्यार्थी बैठाये जाने को लेकर दर्ज प्रकरण की जांच अब टोंक जिला पुलिस कर रही है। इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अत्याचार सेल गीता चौधरी को सौंपी गई है।

एएसपी गीता चौधरी ने आरोपी को आज टोंक न्यायालाय में पेश किया जहां कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कुछ ओर आरोपियों की गिरफ्तारियां की जाएगी।

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