Lok Sabha Election: दौसा में चुनाव की लड़ाई मामा फूफा बुआ तक क्यों आई, किरोड़ी-मुरारी के बीच छिड़ा द्वंद
Lok Sabha Election: राजस्थान के लोकसभा चुनावों में बयानवीरों की जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश की हॉट सीट बनी दौसा में चुनाव की लड़ाई मामा फूफा बुआ तक पहुंच गई।
दौसा लोकसभा सीट पर मुरारी की बंशी की गूंजती आवाज के बाद शुक्रवार को गूंजी नरेंद्र मोदी के जयकारें की आवाज के बाद अब सियासी हवां बदलने लगी है।

दौसा से जीत का ताज किसके सिर बंधेगा ये तो आने वाली 4 जून को ही सामने आएगा। लेकिन कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने कहा कि मेरी बुआ को टिकट क्यों नहीं दिलवाया ?
इसलिए मुरारी को हराऊंगा, डॉक्टर मीना ने आगे कहा कि देश आजाद होने के बाद पहले बार दौसा में कोई प्रधानमंत्री आया है वो नरेंद्र मोदी है, हमने किसी ने इस बारे में कभी सोचा भी नहीं था कि दौसा शहर में कभी प्रधानमंत्री आएंगे।
वहीं प्रधानमंत्री का रोड़ शो पूरा होने के बाद राज्य सरकार के कृषि मंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी मुरारी लाल मीना के बीच रिश्तों की सियासी तकरार शुरू हो गई है।
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने रोड़ शो के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुरारीलाल मीना मेरे फूफा हो सकते है। लेकिन रिश्ता पगड़ी का होता है। घाघरी का नहीं।
अगर कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीना की पत्नी मेरी बुआ लगती है। तो मुझे इस बात का दुख है की पिछले लोकसभा चुनाव में फूफा (मुरारीलाल) ने भुआ (सविता मीना) को दौसा से लोकसभा का चुनाव लड़ाया था।
लेकिन इस बार उन्होंने मेरी बुआ का टिकट क्यों कटवाया। ऐसे में मेरी बुआ का टिकट कटने का मुझे दर्द है। इसलिए फूफा और मामा (मुरारीलाल) को दौसा से चुनाव हराऊंगा।
दौसा लोकसभा क्षेत्र में मामा के बाद फूफा बुआ की लड़ाई यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा से शुरू हुई और अब रिश्तों पर राजनीति की सियासत तक आ पहुंची है
उधर 7 अप्रैल को उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की दौसा के लालसोट में जनसभा आयोजित हुई थी। जिसमें कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने कांग्रेस प्रत्याशी को अपना मामा बताते हुए कहा कि जनता भ्रमित ना हो, मैं मामा (कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीना) पर मेहरबानी नहीं करूंगा।
इधर इसका पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल ने कहा कि मैं किरोड़ीलाल का मामा नहीं, फूफा हूं। इसी के जवाब में कृषि मंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी पर पलटवार किया है।
अब जब राजनीति में रिश्तों की सियासत चल ही निकली तो पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा कहां पीछे रहने वाले थे उन्होंने भी 7 अप्रैल को एक बयान दिया था कि, स्वयं इंद्र देव भी दौसा आ जाए तो दौसा से मुरारीलाल चुनाव जीतेगा।
इस सवाल पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने पूर्व चिकित्सा मंत्री पर निशाना साधा। कृषि मंत्री डॉक्टर मीना ने कहा-ऐसा उन्होंने पहले भी कहा था। इसका नतीजा ये रहा कि परसादी लाल खुद लालसोट विधानसभा से 49 हजार वोटों से हारे है।
मंत्री डॉ मीना आगे बोल की देश, प्रदेश और दौसा की जनता जानती है कि देश को शिखर पर कौन ले जा सकता है, भ्रष्टाचार खत्म कौन करेगा, आतंकवाद खत्म कौन करेगा, महिलाओं की इज्जत की रक्षा कौन कर सकता है, लुटेरे नेता और अधिकारियों को जेल कौन भेज सकता है।
पीओके अधिकृत कश्मीर को भारत में कौन ला सकता है। लेकिन कांग्रेस के राहुल पप्पू जी आकर कुछ भी कह देते है। अभी यहां एक भ्रम फैलाया गया था कि मोदी आया तो एससी-एसटी का आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने एससी-एसटी और अन्य जातियों में झगड़ा करवाकर ही कांग्रेस 60 साल तक देश की सत्ता पर काबिज रही।
इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड़ शो के बाद दौसा लोकसभा क्षेत्र में भाजपा नेता अपनी जीत के लिए आश्वस्त नजर आए। ऐसे में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने कहा कि मोदी जहां जाते है। वहां उनके साथ वोटों की सुनामी आती है। जिसके चलते मीना हाई कोर्ट में मीना समाज के हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। इसमें उन्होंने भाजपा को वोट देने का फैंसला किया है।
वहीं पेपरलीक की योजना बनाने वालों के बारे में बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पेपरलीक की योजना बनाने वालों के नाम मैंने एसओजी एडीजी को दिए है। जिसमें तत्कालीन कांग्रेस सरकार के 6 एमएलए, तत्कालीन सरकार के 3 मंत्री, उस समय के सीएमओ के लोग, आरपीएससी बोर्ड का चेयरमैन सहित कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी इसमें शामिल है।
ऐसे में मैंने सब कबाड़ेबाजों के नाम एसओजी को दिए है। वहीं अभी जो गाली देते घूम रहे है। 'चोर मचाए शोर' उनको भी लोकसभा चुनाव के बाद जेल में डालेंगे।












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