Rajasthan News: जोधपुर में जनजीवन बेपटरी क्यों ? अस्पताल में मरीजों की भीड़ तो सड़क पर सन्नाटा
Rajasthan Weather News: पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तापमान 45 डिग्री से नीच आने का नाम भी नहीं ले रहा है। लगातार 45 डिग्री के ऊपर ही पहुंच चुके तापमान से शहर की सड़कें भट्टी की तरह जल रही है और लू के थपेड़ों से आमजन बेहाल है।
जोधपुर में पिछले कुछ दिनों से मौसम विभाग ने हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इसका प्रभाव भी आमजन में देखने को मिल रहा है। हीट वेव के असर के चलते शहर की सड़कें सूनी नजर आ रही है। ऐसा लग रहा है कि मानों शहर में कोई कर्फ्यू लगा है।

शहर में देखने को मिल रहा है कि सड़कों पर दोपहर के समय लोग बहुत कम निकलते हैं शहर में तेज गर्मी को देखते हुए सरकार की ओर से भी गाइडलाइन जारी की गई वही अस्पतालों में भी चिकित्सक की ओर से गाइडलाइन दी जा रही है।
अस्पतालों में गर्मी से लू लगने पर उल्टी , दस्त से परेशान मरीज डॉक्टरों को दिखाने पहुंच रहे हैं आज मथुरादास माथुर अस्पताल महात्मा गांधी अस्पताल और जनाना अस्पताल में गर्मी को देखते कई मरीज पहुंचे जहां पर लंबी कतारें अस्पतालों में देखने को मिली।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बातचीत में बताया कि अस्पतालों में तेज गर्मी के कारण पहुंच रहे मरीज के लिए सभी तरह की सुविधा चल रही है जिला कलेक्टर का सभी अस्पतालों में दिन-ब-दिन निरीक्षण भी रहता है।
उन्होंने बताया कि अस्पतालों में जो भी मरीज पहुंच रहे हैं उन्हें हिदायत दी जा रही है गर्मी से बचने के लिए गर्मी में नहीं घूमने की अति आवश्यक कार्य हो तो बाहर निकले।
जब भी घरों से बाहर निकले तो तरल पदार्थ ज्यादा पिएं ,पानी नींबू पानी ,जूस शक्कर नमक का गोल पानी की मात्रा ज्यादा से ज्यादा पीकर घर से बाहर निकले ।
इसी तरह से माथुर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर दिलीप कछवाहा ने बताया कि इस समय 45 से 47 तापमान को लेकर गर्मी से बचने का सबसे बेहतर तरीका उससे बचाव ही है गर्मी के दौरान आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकले।
पूरे शरीर को ढकर बाहर निकले स्रिर ,आंखें और मुंह का विशेष ख्याल रखें पेय पदार्थ का प्रयोग करें नींबू शिकंजी में नमक मिलाकर पिए साथ ही तरबूज का जूस और अन्य पेय पदार्थ का प्रयोग भी किया जा सकता है
सरकार से लेकर डॉक्टर्स आमजन को गाइडलाइन के साथ सलाह तो दे ही रहे है। लेकिन सवाल इसे लेकर भी है कि क्या अस्पतालों में तमाम इंतजाम माकूल कर लिए है। क्योंकि ग्रामीण अंचल में आज भी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ आमजन को परेशानी और भटकने के सिवाय मिल कुछ नहीं रहा है।












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