गुर्जर आंदोलन : ट्रेनों और बसों के बाद अब गुर्जर रोकेंगे दूध की सप्लाई, दंगल में भी दिखाया दमखम
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Dausa News, दौसा। राजस्थान गुर्जर आरक्षण आंदोलन के पांचवें दिन गुर्जरों ने बड़ा फैसला लिया है। पांच फीसदी आरक्षण के लिए प्रदेश में ट्रेनों और बसों के बाद अब गुर्जर दूध की सप्लाई रोकेंगे। दौसा के सिकंदरा चौराहे पर जयपुर-आगरा हाईवे नम्बर 21 जाम किए बैठे गुर्जरों ने दूसरे दिन बुधवार से कहीं पर भी दूध की आपूर्ति नहीं करने का ऐलान किया है।

सिकंदरा में जाम लगाए बैठे गुर्जरों का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय गुर्जर समाज के प्रदेश अध्यक्ष मनफूल सिंह ने बुधवार से दूध की सप्लाई रोकने की घोषणा की और देशभर के गुर्जर समाज से राजस्थान गुर्जर आंदोलन को समर्थन करने का आह्वान किया।
गुर्जर आंदोलन का मलारना डूंगर से अपडेट
सवाई माधोपुर। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में गुर्जर समाज के सैकड़ों लोग मलारना स्टेशन के नजदीक दिल्ली-मुम्बई रेलवे ट्रैक पर पांच दिन से डटे हुए हैं। गुर्जर आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर ही देवनारायण जयंती मनाई। वहीं, टोंक शिवपुरी स्टेट हाईवे स्थित कुशालीदर्रा पर भी गुर्जरों ने जाम लगा रखा है। जयपुर-गंगापुरसिटी मार्ग पर खेड़ली मोड़ तथा सवाई माधोपुर गंगापुर सिटी मार्ग पर मच्छीपुर में भी जाम लगा हुआ है। कुशालीदर्रा पर गुर्जर आंदोलनकारियों ने समय गुजारने के लिए कुश्ती दंगल का भी आयोजन किया।

इधर, मेरठ में शुरू हुआ रेल रोको आंदोलन
मेरठ। पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में आठ फरवरी से जारी गुर्जर आंदोलन की आग अन्य प्रदेशों में भी फैलने लगी है। राजस्थान के आधे से ज्यादा जिलों में फैले गुर्जर आरक्षण आंदोलन का असर अब उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिला है। यूपी के मेरठ के गुर्जरों व अन्य लोगों ने राजस्थान के गुर्जरों का समर्थन करते हुए मंगलवार को रेल रोको आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया है। सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों ने मेरठ के सकौती टांडा रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया और रेल पटरियों पर धरना दिया। रेल रोकने का भी प्रयास किया गया। धरनार्थियों ने बताया कि राजस्थान के गुर्जर आंदोलन के समर्थन में यहां पर भी प्रदर्शन किया गया है।
क्या है राजस्थान का गुर्जर आंदोलन
राजस्थान के गुर्जर पिछले 13 साल से आरक्षण की मांग उठाते हैं। इस अवधि के दौरान छह बार आंदोलन किए जा चुके हैं। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चलते 72 लोगों को जान भी गंवानी पड़ी है। छठी का आंदोलन 8 फरवरी से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर रेलवे स्टेशन के पास के गांव मकसूदनपुरा से शुरू किया गया है।
बीस दिन पहले राजस्थान के गुर्जरों ने राज्य सरकार को 8 फरवरी की शाम पांच बजे पांच जातियों के पांच फीसदी आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी करने का अल्टीमेटम दिया था। जिसके तहत 8 फरवरी को मलारना डूंगर के देवनारायण मंदिर में गुर्जरों ने महापंचायत की और फिर निर्धारित अवधि तक मांग नहीं माने जाने के कारण कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में रेल पटरियों की ओर कूच कर दिया।
इसके बाद से गुर्जर पटरियों पर बैठे हुए हैं। सवाई माधोपुर से शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन के छठा संस्करण का असर पूरे राजस्थान में देखा जा रहा है। दिल्ली-मुम्बई के बीच ट्रेनों का संचालन बंद है। वहीं, कई राजमार्ग जाम होने से सड़क परिवहन भी बाधित हो रहा है।












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