Gurjar Aandolan : राजस्थान में यूपी-एमपी से भी मंगवाई फोर्स, RAC की 17 कम्पनियां तैनात
Gurjar aandolan 2019 , सवाई माधोपुर। राजस्थान के गुर्जर एक बार फिर से आंदोलन के ट्रैक पर हैं। 5 जातियों को 5 फीसदी आरक्षण के नोटिफिशन की मांग को लेकर शुक्रवार शाम 4 बजे से गुर्जर आरक्षण आंदोलन शुरू हो गया है। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में करीब चार हजार गुर्जरों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा रखा है।

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन शुरू होने के साथ ही शुक्रवार शाम ट्रेनों का संचालन गड़बड़ा गया है। दिल्ली-मुम्बई के बीच चलने वाले ट्रेनें मुख्य मार्ग राजस्थान के जयपुर, सवाईमाधोपुर, कोटा से होकर गुजरता है। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चलते इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद हो गया है। बीस से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
महापंचायत के बाद लिया गुर्जर आंदोलन का फैसला
राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन 2019 शुरू करने से 20 दिन पहले गुर्जर नेताओं ने राजस्थान सरकार को आठ फरवरी शाम चार बजे तक का अल्टीमेटम देकर कहा था कि अगर सरकार निर्धारित समय तक पांच जातियों के लिए पांच फीसदी आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी नहीं करती है तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। शुक्रवार को अल्टीमेटम खत्म होने वाला था।
इस मौके पर गुर्जर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर में चौहानुपरा-मकसूदनपुरा स्थित देवनारायण मंदिर में शुक्रवार सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए। यहां दिनभर गुर्जर की महापंचायत हुई और शाम चार बजे तक भी मांग नहीं मानी गई तो गुर्जर नेता कर्नल सिंह बैंसला ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाने का ऐलान किया, जिस पर लगभग चार हजार गुर्जर सवाई माधोपुर में रेलवे के कोटाली ट्रैक पर जा बैठे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गुर्जर आरक्षण को लेकर पूरे राजस्थान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गुर्जर आरक्षण से फिलहाल सवाई माधोपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित है, मगर कोई समाधान नहीं होने की स्थिति में यह आंदोलन गुर्जर बाहुल्य जिले दौसा, करौली, भरतपुर और टोंक समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकता है। इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से सुरक्षा बल राजस्थान बुलाया गया है। इसके अलावा आरएसी की 17 कम्पनियां भी तैनात की गई है।












Click it and Unblock the Notifications