Gunnu Kidnap Sikar : अपहरण से लेकर वापसी के बीच क्‍या-क्‍या हुआ? बच्‍चे से सुनिए की पूरी कहानी

सीकर, 5 अक्‍टूबर। राजस्‍थान में कोटा के बाद दूसरे सबसे बड़े कोचिंग हब सीकर से किडनैप हुआ बच्‍चा गुन्‍नू उर्फ धीरीश हुड्डा को पुलिस व ग्रामीणों की सजगता से महज आठ घंटे बाद ही बदमाशों के चंगुल से छुड़वा लिया गया। सुबह स्‍कूल जाते वक्‍त अपहरण हो जाने के बाद खौफ के वो आठ घंटे यह बच्‍चा जिंदगीभर नहीं भूल पाएगा। अपहरण के बाद इस बच्‍चे के साथ क्‍या क्‍या हुआ? इसने खुद बताया, जिसे सुनकर परिजन आंसू नहीं रोक पाए।

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    15 गाड़ियों में सवार 70 ग्रामीणों ने बदमाशों को घेरा,मां उसी गांव में बनवाएगी मंदिर
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    आप भी जानिए खुद बच्‍चे की जुबानी, कैसे बीते आठ घंटे ...

    'मैं मंगलवार सुबह नानाजी के साथ स्‍कूटी पर सवार होकर स्‍कूल जा रहा था। रास्‍ते में बोलेरो आई। उसमें सवार लोगों ने जान बूझकर एक्‍सीडेंट किया। नानाजी उनको डांटने लगे कि व्हाट नॉनसेंस...। इतने में ही गाड़ी से उतरे लोगों ने मुझे एक ही झटके में जबरस्‍ती गाड़ी में बैठा लिया।

    बदमाशों ने बोलेरो में मुझे सीट पर नहीं बल्कि सीट के नीचे बैठाया। यह उन्‍होंने इसलिए किया ताकि मैं ये ना देख लूं कि किस तरफ ले जाया रहा है। फिर मुझे काफी दूर ले गए। सीट के नीचे बैठे बैठे मैं पसीने तर बतर हो रहा था।

    कई देर बाद मुझे सीट पर बैठाया। तब जाकर मुझे थोड़ी बहुत हवा लगी। मुझे बहुत डर लग रहा था। फिर बदमाशों ने मुझे एक टैबलेट खिलाई और मुझे उल्‍टी होने लगी थी। इसी दौरान दूसरा आदमी कुरकुरे खा रहा था। मेरा मन था खाने का, मगर उसने मुझे नहीं दिए।

    फिर बदमाश ने मुझसे पूछा कि कुछ खाएगा क्‍या ? मैंने कॉल्‍ड ड्रिंक पीने की इच्‍छा जाहिर की तो उसने मुझे कॉल्‍ड पीने को दी। उसके बाद वहां पुलिस आ गई। गांव वाले भी काफी लोग। उन्‍हें देखकर बदमाश गाड़ी छोड़कर भागने लगे। गाड़ी में अकेला रहा गया था।

    मैं भी उनके साथ बाहर निकलने लगा तो मुझसे बोले कि तू अंदर ही बैठा रह चुपचाप। वे सारे दरवाजे बंद करके भाग गए थे। सिर्फ एक खिड़की खुली थी, जिसका मैंने शीशा खोला और बाहर कूद गया। मेरे जूते नीचे गिर गया। मैं बाहर निकला तो कांटे चुभने लगे। फिर गांव वाले और पुलिस वाले ने मुझे अपनी गोद में लिया।

    ग्रामीणों की हिम्‍मत को सलाम

    बता दें कि सीकर से गुन्‍नू का अपहरण करने के बाद बदमाश उसको बोलेरो में बैठाकर गांव सिंघासन व खिरोड़ होते हुए गुढ़ागौड़जी पुलिस थाना इलाके के गांव बालाजी व भाटीवाड़ की तरफ ले गए। भाटीवाड़ में कातली नदी क्षेत्र है। सीकर से बच्‍चे के अपहरण के बाद सोशल मीडिया पर वारदात में काम ली गई सफेद बोलेरो के फुटेज वायरल हो गए थे। उन्‍हीं के आधार पर ग्रामीणों ने गांव बालाजी से बोलेरो गुजरी तो उसे पहचान लिया और 15 गाडि़यों में सवार होकर नदी क्षेत्र में पहुंच बदमाशों को घेर लिया। पुलिस भी पहुंच गई थी।

    क्‍या है गुन्‍नू अपहरण केस सीकर?

    बता दें कि सीकर में आदर्श स्कूल इंपल्स कोचिंग के मालिक कोचिंग संचालक महावीर हुड्डा का बेटा धीरीश उर्फ गुन्‍नू हुड्डा नवलगढ़ रोड की सूरजमल कॉलोनी स्थित घर से नाना जैसाराम के साथ स्‍कूटी पर सवार होकर झुंझुनूं बाइपास स्थित स्‍कूल जा रहा था। रास्‍ते में सैनिक डिफेंस स्‍कूल के पास बिना नंबर की सफेद बोलेरो में सवार होकर बदमाशों ने गाड़ी आगे लगाकर स्‍कूटी रुकवाई। जैसाराम से बिना किसी वजह के झगड़ा किया और फिर गुन्‍नू को किडनैप करके अपने साथ ले गए थे। महज आठ घंटे बाद पुलिस ने गुन्‍नू को बदमाशों के चंगुल से छुड़वा लिया। गुन्‍नू का अपहरण फिरौती के लिए किया था।

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