Rajasthan News: मुकेश भाकर के निलंबन के मामले में एकजुट नजर आए गहलोत-पायलट, ऐसे कर रहे सस्पेंशन का विरोध

Rajasthan News: राजस्थान में अशोक गहलोत-सचिन पायलट का विवाद ऐसी पहेली बन गया है। जिसे कोई सुलझा नहीं पाया है। सत्ता में रहने के दौरान दोनों नेता एक दूसरे के कट्टर दुश्मन बन जाते हैं। सत्ता से बाहर रहने के दौरान दोनों नेता और उनके समर्थक एकजुट नजर आते हैं। हाल ही में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के निलंबन के बाद गहलोत-पायलट एकजुट नजर आए। दोनों नेताओं ने विधायक मुकेश भाकर के निलंबन का विरोध दर्ज कराया है।

पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान कानून मंत्री के पुत्र को लेकर मामला उठाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को सदन से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर धरना देकर रात गुजारी। स्पीकर पर आपत्तिजनक इशारे करने का आरोप लगाकर कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को 6 महीने के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। इसे लेकर राजस्थान कांग्रेस में सियासत तेज हो गई है।

mukesh bhakar

कांग्रेस नेता विधायक मुकेश भाकर के पक्ष में लामबंद होकर एकजुट नजर आए। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार की निंदा की है।

कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर के निलंबन के खिलाफ आवाज उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर लिखा कि पहले विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का निलंबन तथा जबरन निष्कासन फिर मार्शलों द्वारा वरिष्ठ विधायक हरिमोहन शर्मा को जमीन पर गिरना और महिला विधायक अनिता जाटव से बदसलूकी कर उनकी चूड़ियां तक तोड़ देने की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह राज्य की भाजपा सरकार की तानाशाही सोच का नतीजा है। जिसके कारण चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया गया।

वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने X पर लिखा कि लाडनूं विधायक मुकेश भाकर को 6 माह तक सदन की कार्रवाई से निलंबित करने की प्रक्रिया की घोर निंदा करता हूं। सत्ता पक्ष को सदन को सुचारू रूप से संचालित करना चाहिए। लेकिन उससे उलट प्रतिपक्ष के सदस्यों से डरकर उन पर आक्रामक कार्रवाई की जा रही है। इस तरह के तानाशाही रवैया से किसान, श्रमिक, युवा एवं आमजन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

आपको बता दें कि निलंबन के मामले को लेकर विधायक मुकेश भाकर ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात भी की है। विधायक मुकेश भाकर का दावा है कि विधानसभा में उन्होंने स्पीकर की तरफ आपत्तिजनक इशारे किए तो इसका वीडियो सार्वजनिक किया जाए। अगर ऐसा हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

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