Rajasthan: क्या सांचौर से खत्म हो जाएगा जिले का तमगा, पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई ने छेड़ दी यह मुहिम !
Rajasthan District News: राजस्थान में हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद अधिकांश नए जिलों को पुराने जिलाधिकारियों को अटैच कर दिया। जिसके बाद गहमागहमी का माहौल पैदा हो गया।
इधर हाल ही में बनाए गए सांचौर जिले पर भी संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे है, जिसके बाद आज पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन को बार एसोसिएशन ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर समर्थन दे दिया।
सांचौर जिले को निरस्त करने की चर्चाएं लगातार सियासी गलियारों में गति पकड़ रही है। इन्ही अटकलों के बीच पूर्व राज्य मंत्री सुखराम बिश्नोई ने कलेक्ट्रेट के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

यह अनशन "जिला बचाओ संघर्ष समिति" के बैनर तले किया जा रहा है, जिसमें बिश्नोई ने घोषणा की है कि जब तक राज्य सरकार सांचौर जिले के निरस्तीकरण के मुद्दे पर स्पष्ट बयान नहीं देती, उनका अनशन और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई आमरण अनशन पर pic.twitter.com/bPGaOR5yy6
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) September 25, 2024
बिश्नोई का कहना है कि सरकार द्वारा जालोर एसपी को सांचौर एसपी का अतिरिक्त चार्ज देने के बाद से लोगों में यह डर फैल गया है कि सांचौर जिले को समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह कदम जनता के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है और किसी भी कीमत पर सांचौर को जिला बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बिश्नोई ने बताया कि दो दिन पहले आई आईपीएस ट्रांसफर सूची में सांचौर एसपी को हटाकर जालोर एसपी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों में यह भय पैदा हो गया है कि सांचौर जिले को समाप्त किया जा सकता है। उनका मानना है कि जिले का निरस्तीकरण क्षेत्रीय विकास और लोगों की आवश्यकताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
सांचौर की रणनीतिक और औद्योगिक महत्ता
सांचौर जिले का सामरिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्व है। सांचौर मुख्यालय से पाकिस्तान की सीमा महज 90 किलोमीटर दूर है, जिससे इसकी रणनीतिक और प्रशासनिक भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अलावा, यह जिला नेशनल हाइवे-68 और भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जो इसे व्यापार और यातायात के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।
बार एसोसिएशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल
सांचौर जिला बार एसोसिएशन भी इस मुद्दे पर अपना समर्थन देते हुए अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल पर है। बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ताओं ने यह निर्णय लिया है कि वे न्यायालय में व्यक्तिगत या वर्चुअल उपस्थिति नहीं देंगे। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि सरकार सांचौर जिले के भविष्य पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयान ने बढ़ाई चिंता
इस साल 8 सितंबर को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भीलवाड़ा में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि तत्कालीन सरकार ने कई गलत जिले बनाए हैं, जिनमें सांचौर भी शामिल है।
उनके अनुसार, यह एक विधानसभा का जिला है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि, बाद में राठौड़ ने अपने बयान पर यूटर्न लेते हुए कहा कि किसी को कुछ देने के बाद उसे वापस लेना मुश्किल होता है।
अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, और जनता में बढ़ती चिंता को देखते हुए यह अनशन और हड़ताल आंदोलन का रूप ले रहा है।












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