यहां के 8 युवा एक साथ बन गए दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर, भाग्यश्री ने 2 नौकरी छोड़कर चुनी खाकी वर्दी

चूरू। अपने लक्ष्य के लिए समर्पण व एकाग्रता के साथ यदि मन में कड़ी मेहनत का जुनून हो तो फिर कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। राजस्थान चूरू जिले के आठ युवाओं के एक साथ दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन ने एक बार फिर इसी बात को साबित किया है।

एसएससी (सीपीओ) 2017 में हुआ चयन

एसएससी (सीपीओ) 2017 में हुआ चयन

बड़ी बात यह है कि एसएससी (सीपीओ) 2017 परीक्षा के जरिए चयनित हुए चूरू के इन युवाओं में से अधिकांश ने अपनी सफलता के सोपान सेल्फ स्टडी के दम पर तय किए हैं। दिल्ली पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती में चयन से उत्साहित चूरू के वार्ड 4 के युवा मनीष तंवर बताते हैं कि उन्होंने बीटेक किया है। इससे पहले उनका चयन बैंकिंग में भी हो चुका है लेकिन उन्हें इस परीक्षा से उम्मीद थी और इसी नौकरी में जाने का सपना था।

सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम

सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम

मनीष ने बताया कि उन्होंने बीटेक के दौरान ही इस परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी थी और सेल्फ स्टडी से ही अपना मुकाम तय किया है। मनीष के पिता पवन कुमार तंवर कलक्ट्रेट में उप विधि परामर्शी हैं तथा माता किरण एक गृहिणी हैं। मनीष ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरूजनों के साथ-साथ अपनी बहिन डॉ.अंकिता को दिया है।

दिल्ली पुलिस की वर्दी का ख्वाब हुआ पूरा

दिल्ली पुलिस की वर्दी का ख्वाब हुआ पूरा

इसी तरह से चूरू की पूनिया कॉलोनी निवासी सूबेदार सुभाष चंद्र दायमा के बेटी भाग्यश्री ने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है। इससे पहले उनका चयन जूनियर इंटेलीजेंस ऑफिसर तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर भी हो चुका है लेकिन उनका सपना दिल्ली पुलिस की यूनिफार्म वाली नौकरी करने का है।


भाग्यश्री बताती हैं कि चार-पांच माह की कड़ी मेहनत और स्वाध्याय ने उनका मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि आजकल के युवा तैयारी करते समय सब कुछ पढ़ लेना चाहते हैं जबकि यह सबसे महत्वपूर्ण बात है कि किस परीक्षा के लिए हमें क्या पढ़ना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने मम्मी-पापा को दिया जिन्होंने हर परिस्थिति में उसे सपोर्ट किया। भाग्यश्री की पूरी विद्यालयी शिक्षा केंद्रीय विद्यालय में हुई है।

ऑनलाइन टेस्ट सीरीज का लिया सहारा

ऑनलाइन टेस्ट सीरीज का लिया सहारा

चूरू के गांव लालासर बणीरोतान के दयाचंद जाट के बेटे इंद्रजीत ने प्राइवेट जॉब करते हुए यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने कोई कोचिंग वगैरह नहीं ली। ऑनलाइन टेस्ट सीरीज का सहारा जरूर लिया। वे कहते हैं कि युवाओं की गाइडेंस के लिए कोचिंग महत्वपूर्ण है लेकिन पढ़ना तो खुद उन्हें ही होता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और अपने परिवार को दिया।

इनके हिस्से भी आई कामयाबी

इनके हिस्से भी आई कामयाबी

इनके अलावा चूरू की वन विहार कॉलोनी के सौरभ मोगा, गांव चेलाना बास की सुमन कुमारी, गांव बैरासर मांझला के सचिन, गांव खारिया कनीराम के रामचंद्र तथा गांव पहाड़सर के योगेश पूनिया का चयन दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद के लिए हुआ है। सभी सफल अभ्यार्थियों को 10 जून से 19 जून तक दिल्ली स्थित प्रशिक्षण केन्द्र में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

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