Cough Syrup Row: खांसी की सिरप से बच्चों की मौत पर सियासत गरमाई, सिकर में AAP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
Cough Syrup Row: सीकर जिले में खांसी की सिरप पीने के बाद दो बच्चों की मौत के मामले ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इसी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कैसन फार्मा (Kaysons Pharma) के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया।
यह वही कंपनी है जिस पर आरोप है कि उसके द्वारा बनाई गई खांसी की सिरप पीने के बाद बच्चों की मौत हुई।AAP कार्यकर्ताओं ने जयपुर में स्थित कैसन फार्मा के मुख्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए कंपनी पर कार्रवाई की मांग की।

AAP कार्यकर्ताओं कहना था कि कंपनी की लापरवाही से बच्चों की जान गई है और जब तक कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने कंपनी के गेट को बंद करने (लॉकडाउन) की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत उन्हें रोक दिया।
पुलिस ने रोका प्रदर्शन, SHO ने दी जानकारी
इस प्रदर्शन के दौरान सीकर थाना प्रभारी (SHO) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि AAP कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा,"यह कैसन फार्मा है, जो खांसी की सिरप बनाती है। AAP कार्यकर्ताओं के पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, इसलिए मैंने उन्हें रोक दिया। अब उन्होंने सहमति जताई है और मामला शांत हो गया है।"
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर मौके से हटाया और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अराजक स्थिति न बने।
सिरप से बच्चों की मौत के बाद बढ़ा विवाद
बता दें कि सीकर जिले में हाल ही में दो बच्चों की मौत के बाद यह विवाद तेज़ हो गया है। परिजनों का आरोप है कि बच्चों की तबीयत खराब होने पर उन्हें स्थानीय डॉक्टर ने कैसन फार्मा द्वारा बनाई गई खांसी की सिरप दी थी, जिसके सेवन के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई।
अब स्वास्थ्य विभाग और ड्रग्स कंट्रोल टीम ने सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी कि सिरप में जहरीले रसायन (जैसे Diethylene Glycol या Ethylene Glycol) की मौजूदगी थी या नहीं।
राज्य में मचा सियासी बवाल
इस घटना के बाद न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि सियासी हलकों में भी बवाल मच गया है। विपक्षी दलों ने सरकार से सवाल किया है कि बच्चों की मौत पर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है। वहीं AAP नेताओं का कहना है कि वे पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।












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