घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ सेल टैक्स अधिकारी, शक के दायरे में अन्य लोग
कोटा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा देहात स्पेशल यूनिट ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए दो सहायक वाणिज्य कर अधिकारियों को रिश्वत लेने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। उक्त रिश्वत फर्म का वार्षिक मूल्यांकन और डिमाण्ड राशि समायोजित करने की एवज में मांगी गई थी।

एसीबी की एडिशनल एसपी प्रेरणा शेखावत ने बताया कि रामगंज मण्डी निवासी व्यापारी विकास कुमार गर्ग ने शिकायत दी कि पूजा पेपर प्लेट के नाम से उसकी फर्म है। फर्म का वार्षिक मूल्यांकन किया जाना था। वहीं डिमाण्ड राशि भी समायोजित करना था। इसकी एवज में सहायक वाणिज्य कर अधिकारी प्रीतम कुमार शर्मा अपने व अपने साथी एसीटीओ भगवान सहाय मीणा के लिए 40 हजार की डिमाण्ड कर रहा है। डिमाण्ड का सत्यापन करवाया गया है जो सही साबित हुआ। आज ट्रैप की योजना बनाकर एसीटीओ प्रीतम कुमार शर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वहीं उसके साथी एसीटीओ भगवान सहाय मीणा को भी दबोचा गया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। दोनों अधिकारियों की सम्पत्ति भी खंगाली जाएगी।
अन्य भी जांच के दायरे में
एसीबी की टीम घूसखोर अधिकारियों के साथ ही अन्य अधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखेगी और अन्य अधिकारियों की भी जांच करेगी। ताकि व्यापारियों को अपने व्यापार में किसी तरह की परेशानी ना हो और ना ही सरकार को टैक्स में कोई हानि हो। यदि किसी अन्य अधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध मिलती है तो एसीबी उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाएगी।
विभाग में जमकर चल रहा खेल
सेल टैक्स विभाग में घूसखोरी का यह खेल कोई नया नहीं है। हर व्यापारी इस विभाग के अधिकारियों से परेशान है, लेकिन पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर कैसे लें। यही कारण है कि इस विभाग के अधिकारी ना के बराबर ही एसीबी के चंगुल तक पहुंच पाते हैं। व्यापारियों की मानें तो बिना रूपए कोई भी अधिकारी बात तक नहीं करता। वहीं औचक निरीक्षण के नाम पर भी व्यापारियों को डरा धमका कर मोटी रकम ऐंठ कर ले जाते हैं।
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