राजस्थान के वो नेता जो कह रहे-'अग्निवीर योजना ने हराया, 1 दिन पहले भी बदलाव होता तो मैं जीत जाता'
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आए 18 दिन हो गए और राजस्थान भाजपा में 11 की हार पर अभी भी मंथन चल रहा है। भरतपुर, झुंझुनूं और सीकर समेत कई संसदीय क्षेत्रों से भाजपा उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी हार की वजह बताई है।
कोई केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को अपनी हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा तो कोई भाजपा नेताओं की आपसी गुटबाजी को। पूरे राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें हैं। साल 2024 के चुनाव में भाजपा सिर्फ 14 ही सीटें जीत पाई। 11 सीटों का नुकसान हुआ।

शुभकरण चौधरी Vs बृजेंद्र सिंह ओला झुंझुनूं
झुंझुनूं संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने शुभकरण चौधरी को मैदान में उतारा था। सामने कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह ओला थे। ओला को 553,168 व चौधरी को 5,34,933 वोट मिले। ओला की जीत का अंतर 18,235 वोट रहा।
शुभकरण चौधरी की हार की वजह
मीडिया से बातचीत में शुभकरण चौधरी ने कहा कि वे केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की वजह से चुनाव हारे। मतदान से एक दिन पहले भी अगर अग्निवीर योजना में कुछ बदलाव हो जाता तो चुनाव जीत सकता था।
शुभकरण चौधरी का मामना है कि फौजियों वाले जिले झुंझुनूं में अग्निवीर योजना के कारण युवाओं में भाजपा के प्रति निराशा रही। युवाओं ने भाजपा से दूरी बना ली। सेवारत सैनिकों के वोट भी कम मिले। अगर अग्निवीर योजना में समय रहते कुछ बदलाव हो जाता तो भाजपा को काफी हद तक फायदा होता।
उल्लेखनीय है कि झुंझुझूं संसदीय क्षेत्र के पांच गांवों जाबासर, जयपहाड़ी, झांझोत, चैनपुरा व गिडानिया के सैनिक बहुल बूथों पर भाजपा के 67 प्रतिशत वोट घटे हैं। झुंझुनूं में अग्निवीर योजना नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। पहले सेना भर्ती में करीब 50 हजार युवा शामिल होते थे, मगर अब 10 हजार भी नहीं होते। अग्निवीर योजना की वजह से 150 कोचिंग सेंटर बंद हो गए।












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