राजस्थान: MLA की पत्नी के सामने 30 साल से कोई नहीं लड़ता चुनाव, भीखी देवी छठी बार निर्विरोध सरपंच
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बाड़मेर। राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 का दूसरा चरण 22 जनवरी को सम्पन्न हो गया। तीसरे चरण का मतदान 29 जनवरी को है। इस बीच आप जानिए एक ऐसी महिला सरपंच के बारे में जो सरपंच चुनाव 2020 में एक बार फिर निर्विरोध चुनी गई हैं। नाम है भीखी देवी। ये राजस्थान के बाड़मेर जिले में गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी की पत्नी हैं। भीखी देवी ने सरपंच बनने का अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। राजस्थान में संभवतया यह पहला मामला है कि जिसमें पति छह बार विधायक और पत्नी छह सरपंच चुनी गई हो। वो भी निर्विरोध।

पहले भीमजी ग्राम पंचायत अब वीरेन्द्रनगर
बता दें कि बाड़मेर जिले की बायतु पंचायत समिति की बायतु भीमजी ग्राम पंचायत के लोग बीते पांच चुनावों में विधायक हेमाराम चौधरी की पत्नी भीखी देवी को सरपंच बनाया है। इस बार भीमजी ग्राम पंचायत से वीरेन्द्रनगर को अलग ग्राम पंचायत बना दिया गया। नई ग्राम पंचायत का नाम विधायक हेमाराम चौधरी के दिवंगत बेटे वीरेन्द्र के नाम पर रखा है। राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 में वीरेन्द्र की मां भीखी देवी यहां से पहली बार निर्विरोध सरपंच गई है। ऐसे में भीखीदेवी ने बीते छह चुनावों में निर्विरोध चुने जाने का रिकॉर्ड भी बना लिया है।

भीखी देवी के सामने कोई क्यों नहीं लड़ता चुनाव
बता दें कि भीखी देवी के पति हेमाराम चौधरी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में छठी बार विधायक चुने गए हैं। इनके परिवार का क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव है। भीखी देवी को निर्विरोध चुने जाने में सबसे खास बात तो यह है कि पत्नी पति का व्यवहार और गांव के विकास के करवाए गए कार्यों की वजह से भीखी देवी के सामने कोई चुनाव लड़ता ही नहीं है।

एक जाजम पर बैठकर लेते हैं फैसला
ऐसा नहीं है कि लोग विधायक की पत्नी भीखी देवी के सामने चुनाव लड़ना चाहते। यहां पर ग्रामीण सरपंच बनाने का फैसला एक जाजम पर बैठकर लेते हैं। भीखीदेवी के लगातार तीन बार निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद कुछ लोग सरपंच चुनाव लड़ना चाह रहे थे। चुनाव से पहले सारे ग्रामीण एक जाजम पर बैठे और चुनाव लड़ने का मानस रहे लोगों से समझाइश कर फिर भीखी देवी को निर्विरोध सरपंच बनाया।

गांव की समस्याओं के समाधान को रहती हूं तत्पर
वीरेन्द्रनगर की नवनिर्वाचित सरपंच भीखी देवी मीडिया से बातचीत में बताती हैं कि गांव का विकास और लोगों की समस्याओं का समाधान करवाना हमेशा से उनकी प्राथमिकता रहा है। गांव के लोगों से उनकी समस्याएं सुनती हूं और फिर जो मेरे स्तर पर हो सकने वाली हो उन्हें मैं हल करवा देती हूं। शेष के समाधान के लिए विधायक पति को बताती हूं। वे भी समस्याओं को गंभीरता से लेकर तत्काल समाधान करवाते हैं। यही वजह है कि छह बार से निर्विरोध सरपंच चुनी जा रही हूं।












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