Bhairo Singh Rathore RIP: सुनील शेट्टी ने Real Hero को दी श्रद्धांजलि , 'बार्डर' में निभाया था उनका रोल
साल 1971 के भारत-पाक युद्ध में भैरों सिंह राठौड़ ने अदम्य साहस का परिचय दिया था,जिसके लिए उन्हें 'सेना पदक'से सम्मानित किया गया था। भैरों सिंह राठौड़ 1987 में BSF से रिटायर हुए थे।

Bhairo Singh Rathore RIP (सुनील शेट्टी): 'जिसकी मां सुंदर नहीं होती तो क्या वो मां नहीं होती ... ' जेपी दत्ता की सुपरहिट फिल्म 'बार्डर' का ये लोकप्रिय संवाद आज भी हर किसी के दिल में रचा-बसा है। इस डॉयलॉग को पर्दे पर बोला था फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने, जिन्होंने फिल्म में 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के हीरो भैरो सिंह राठौड़ का रोल निभाया था और लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी लेकिन जिस रीयल हीरो का किरदार उन्होंने पर्दे पर प्ले किया था, उस नायक ने सोमवार को दुनिया से विदाई ले ली।

नहीं रहे Real Hero भैरों सिंह राठौड़
आपको बता दें सीमा सुरक्षा बल के दिग्गज रिटायर्ड नायक भैरों सिंह राठौड़ का 19 दिसंबर को जोधपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया, वो 81 वर्ष के थे और लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे सवाई सिंह राठौर ने ही मीडिया को दी।

सुनील शेट्टी ने दी श्रद्धांजलि
जिसके बाद पर्दे पर भैरों सिंह बनकर लोगों की तालियां बटोरने वाले एक्टर सुनील शेट्टी ने भी देश के इस नायक के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
'रेस्ट इन पावर नायक भैरों सिंह जी'
उन्होंने ट्वीट किया कि 'रेस्ट इन पावर नायक भैरों सिंह जी। परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना 🙏'। उन्होंने भैरों सिंह राठौर की तस्वीर और बीएसएफ के ट्वीट को भी री-ट्वीट किया, जिसमें बीएसएफ की ओर से अपने वीर सैनिक के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया गया था।

लोंगेवाला चौकी पर तैनात थे भैरो सिंह राठौड़
आपको बता दें कि भैरो सिंह राठौड़ के निधन पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ने भी गहरा शोक प्रकट किया है। मालूम हो कि साल 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भैरो सिंह को थार में लोंगेवाला चौकी पर तैनात किया गया था, ये एक छोटी सी बीएसएफ रेंज थी और उनके साथ पंजाब रेजिमेंट के केवल 23 जवान थे।
दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए
किसी को उम्मीद नहीं थी दुश्मन सेना इधर से अटैक करने की कोशिश करेगी लेकिन जब पाकिस्तानी सेना ने इस रेंज पर अटैक करके घुसने की कोशिश की तो उसे मुंह की खानी पड़ी थी क्योंकि भैरों सिंह और उनके सीमित जवानों ने उसके दांत खट्टे कर दिए थे, जिसकी उसे आशा नहीं थी और उसे इस रेंज को कमजोर आंकना भारी पड़ गया था।

फिल्म 'बार्डर'
उस रीयल युद्ध के इस हिस्से को फिल्म 'बार्डर' में बखूबी दिखाया गया था। भैरों सिंह को उनके अदम्य साहस के लिए साल 1972 में 'सेना पदक' से सम्मानित किया गया था। भैरों सिंह राठौड़ 1987 में BSF से रिटायर हुए थे। आपको बता दें कि इसी महीने की 14 तारीख को जब भैरो सिंह की तबयीत खराब हुई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो पीएम मोदी ने अस्पताल में फोन करके उनका हाल-चाल जाना था।
'मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ'
उनके निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा है कि 'नायक (सेवानिवृत्त) भैरों सिंह जी को उनके अदम्य साहस के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। शांति।'












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