राइजिंग राजस्थान से पहले पीसीसी चीफ डोटासरा ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-'ब्यूरोक्रेसी के सहारे चल रही सरकार'
Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा की नीतियों और राजनीतिक रणनीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के नए धर्मांतरण विधेयक, मोहन भागवत के जनसंख्या नियंत्रण के बयान पर और राजस्थान में नगर निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर अपनी बेबाक राय दी।
धर्मांतरण विधेयक को बताया राजनीतिक पैंतरा
गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा द्वारा पेश किए गए नए धर्मांतरण कानून की आवश्यकता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए इसे सिर्फ एक राजनीतिक पैंतरा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कानून पहले भी लाए गए थे। लेकिन वे कभी भी सफल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि मौजूदा कानून और संवैधानिक प्रावधान पहले से ही धर्मांतरण के मुद्दों को संबोधित करते हैं। भाजपा का यह कदम वास्तव में विधायी जरूरत से ज्यादा राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने के लिए उठाया गया है।

डोटासरा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह धार्मिक तनाव को भड़काकर महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित ऐसे ही कानून की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह भी असर डालने में विफल रहा था।
धार्मिक विभाजन से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश
डोटासरा ने भाजपा पर धार्मिक आधार पर लोगों को विभाजित करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार भाजपा की रणनीति का मुख्य उद्देश्य सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए राजनीतिक लाभ उठाना है।
गुजरात मॉडल को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने की है। उन्होंने कहा कि भाजपा निर्वाचित प्रतिनिधियों को दरकिनार कर नौकरशाही शासन को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना तथाकथित गुजरात मॉडल से की। जहां निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका को सीमित कर दिया जाता है। डोटासरा ने चेतावनी दी कि राजस्थान में भी इसी तरह की प्रवृत्ति देखी जा रही है। जहां नौकरशाहों को अधिक शक्ति देकर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की भूमिका कमजोर की जा रही है।
नगर निकाय चुनावों को लेकर भी जताई चिंता
डोटासरा ने राज्य में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने मतदाता सूचियों के अद्यतन और आरक्षण प्रणाली स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही दिखाई है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और नागरिकों की भलाई के प्रति उदासीनता का प्रतीक बताया।
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की जनसंख्या नियंत्रण पर टिप्पणियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह बयान समाज में डर और विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से दिया गया है।
राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बने डोटासरा के बयान
डोटासरा के बयानों ने भाजपा की नीतियों और रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी आलोचनाओं ने कई विवादास्पद मुद्दों को उजागर किया है। जो राज्य की राजनीति में चर्चा और बहस का विषय बन गए हैं।
राजस्थान के राजनीतिक माहौल में इन मुद्दों ने एक बार फिर से राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया है। आने वाले समय में ये विषय राज्य की चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications