लोकसभा चुनाव 2019: वोटिंग के लिए पाक विस्थापितों ने रखी यह शर्त, 54 साल पहले आए थे राजस्थान
Barmer News, बाड़मेर। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha Elections 2019) के लिए वोट डाले जाने से पूर्व राजस्थान में पाक विस्थापितों ने हुंकार भरते हुए मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी है। इन्होंने कहा है कि हमें भूमि का हक इस बार भी नहीं मिला तो हम वोट भी नहीं देंगे।

जानिए बाड़मेर लोकसभा सीट का सियासी गणित
दरअसल, मामला यह है कि राजस्थान में पाक सीमा पर स्थित बाड़मेर जिले के चौहटन विधानसभा क्षेत्र के गांव गोहड़ का तला, गुमाने का तला, कापराऊ व चंदानियों का तला में वर्ष 1965 में आए पाक विस्थापितों को नागरिकता मिल गई और उसी समय राजस्थान सरकार ने इन्हें भूमि भी आवंटन की गई थी। उसका मालिकाना हक़ नहीं मिला।

लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान का बहिष्कार करने का फैसला
(Pak Visthapit in Barmer) मामले को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने बाड़मेर में प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सरकारें उन्हें हर बार लॉलीपॉप दिखाकर वोट बटोर लेती है और आवंटित भूमि के मालिकाना हक के लिए उन्हें झूठे आश्वासन देती रही है। इसलिए अब पाक विस्थापितों के लिए आवंटित हुई भूमि का मालिकाना हक नहीं मिलता है तो वे लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान नहीं करके मतदान का बहिष्कार करेंगे।

भूमि के खालसा होने की जानकारी तक नहीं मिली
पाक विस्थापित संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नरपतसिंह धारा ने बताया कि चौहटन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पाक विस्थापित वर्ष 1965 के बाद से रह रहे हैं, जिनके लिए सरकार ने भूमि आवंटित तो की लेकिन, भूमि खालसा कर दी गई और जागरूकता के अभाव में इन लोगों भूमि के खालसा होने की जानकारी तक नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से ये लोग आवंटित भूमि के लिए संघर्ष कर रहे है और और जुर्माने के रूप में भूमि की मूल रकम से ज़्यादा जुर्माना तक भर चुके है। लेकिन, आवंटित भूमि का मालिकाना हक इन्हें अभी तक नहीं मिला।

भूमि आवंटित होने के आदेश चाहिए
पाक विस्थापित संघर्ष समिति के मदनसिंह सोढा ने बताया कि भूमिहीन परिवारों ने निर्णय लिया है कि भूमि आवंटित होने के आदेश जारी नहीं होने की स्थिति में पाक विस्थापित भारतीय नागरिक लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान का रूप से बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन देने के दौरान चौहटन विधानसभा क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे।












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