8 माह की गर्भवती महिला ने दर्द का बहाना कर बुला ली रेस्क्यू टीम, जानिए फिर क्या हुआ

बारां। पूरे राजस्थान में वर्ष 2019 को मानसून झूमकर बरसा है। कोटा-बारां का सर्वाधिक इलाका बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे बारां के गांव बालापुरागांव में एक गर्भवती ने कुछ स्कूली छात्राओं के साथ मिलकर झूठी कहानी गढ़ी और जिला आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम पर फोन कर रेस्क्यू टीम को बुला लिया। टीम को मौके पर पहुंचने के बाद पता लगा कि महिला 10 दिन से पीहर से ससुराल जाना चाहती थी। इसलिए दर्द का बहाना लिया। साथ ही बालिकाओं को भी अटरू नवोदय स्कूल में पढ़ने जाना था।

Baran pregnant woman called rescue team with false information

जिला आशा को-ऑर्डिनेटर धर्मेद्र निर्विकार ने बताया कि बुधवार को बारां कंट्रोल रूम पर सूचना मिली थी कि बालापुरा गांव में बडौरा निवासी बबली सहरिया 8 माह से गर्भवती है और उसे दर्द की शिकायत हो रही है। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम बालापुरा में गर्भवती महिला की मदद के लिए रवाना हो गई।

सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर के निर्देश पर किशनगंज सीएचसी से डॉ. आशीष, जिला आशा को-ऑर्डिनेटर निर्विकार, नवीन छीपा, एएनएम संगीता, बारां से आई एसडीआरएफ की टीम के साथ बालापुरा नदी पार कर पहुंच गए। यहां जब गर्भवती की जांच की तो उसे किसी प्रकार का दर्द नहीं होने के साथ ही उसे 8 माह का ही गर्भ होने की जानकारी मिली। जब टीम ने महिला से बात की उसने टीम को हकीकत बताते हुए कहा कि कई दिनों से अपने पीहर से ससुराल जाना चाहती है। इसलिए झूठ बोलकर रेसक्यू टीम को बुलाया।

वहीं, टीम को यह भी पता चला कि बालापुरा की कुछ छात्राओं को अटरू नवोदय स्कूल पढ़ने जाना था। उन्होंने जब गर्भवती बबली सहरिया से बात की तो उसने भी ससुराल जाने की इच्छा जताई। इसके बाद बालिकाओं ने महिला से रेस्क्यू टीम को बुलाने की बात कही और उन्होंने मिलकर जिला आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम पर फोन कर दिया।

नदी के पास पति के खड़े होने पर हुआ शक

जैसे ही रेसक्यू व चिकित्सा विभाग की टीम गर्भवती बबली को लेकर नदी के इस पार पहुंची तो पहले से ही बडौरा निवासी महिला का पति बाइक लेकर खड़ा था। महिला के नाव से उतरने के साथ ही वह महिला को अस्पताल ले जाने की जगह सीधे बाइक पर बैठाकर बड़ौरा ले गया। जब चिकित्सा विभाग की टीम ने पूरे मामले की जानकारी ली तो हकीकत सामने आई। मेडिकल टीम के धर्मन्द्र निर्विकार ने बताया कि लोगों को इस तरीके से कंट्रोल रूम पर झूठी सूचना नहीं देना चाहिए। इस दौरान रेस्क्यू टीम के हैड कांस्टेबल मोरपाल सिंह ने कहा कि उन्हे सूचना मिली तो वह आ गए। लेकिन इस तरीके से किसी को गलत जानकारी देकर बुलाना गलत है।

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