बारां कलेक्टर घूसकांड : 1.40 लाख की रिश्वत मामले में फंसे IAS इन्द्रसिंह राव ACB की गिरफ्त में
कोटा। राजस्थान में एक लाख 40 लाख की रिश्वत के मामले में फंसे आईएएस इंद्रसिंह राव को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। IAS इंद्रसिंह राव का घूसकांड 9 दिसम्बर को तब सामने आया था जब वे बारां जिला कलेक्टर के पद पर सेवाएं दे रहे थे। बारां के तत्कालीन जिला कलेक्टर इंद्रसिंह राव को राजस्थान सरकार ने 1.40 लाख रुपए की रिश्वत के इस मामले में एपीओ कर दिया था।

बारां जिला कलेक्टर इंद्रसिंह राव का निजी पकड़ा गया था
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा की टीम ने बारां जिला कलेक्टर इंद्रसिंह राव के निजी सहायक महावीर नागर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। एसीबी की पूछताछ में रिश्वत की राशि एक लाख चालीस हजार में से बारां जिला कलेक्टर इंद्रसिंह राव का हिस्सा एक लाख रुपए होने की बात सामने आने पर एसीबी ने 11 दिसम्बर को राव के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। तब से एपीओ चल रहे राव को भी राजस्थान एसीबी ने अब 23 दिसम्बर को गिरफ्तार किया है।

क्या है बारां जिला कलेक्टर घूसकांड
मामले के अनुसार एसीबी की कोटा यूनिट को परिवादी ने शिकायत दी थी। बारां कलक्टर पीए के माध्यम से पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में 2 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग करके परेशान कर रहा था। इस शिकायत पर एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। इसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील और उनकी टीम ने कार्यवाही करते हुए पीए महावीर नागर को 1 लाख 40 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी महावीर नागर ने बारां कलक्टर के लिए रुपए लेना बताया था।

कौन हैं आईएएस इंद्रसिंह राव?
बता दें कि बारां जिला कलेक्टर रहे इंद्रसिंह राव प्रमोटी आईएएस हैं। चार साल पहले इनको राजस्थान प्रशासिनक सेवा (RAS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)में प्रमोट किया था। ये मूलरूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं। 1 जून 1962 को जन्मे इंद्रसिंह राव ने बीई सिविल, एमई जीओ टेक, एलएलबी व एलएलएम की डिग्री ले रखी है। वर्ष 1989 बैच के राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इंद्रसिंह राव ने 31 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया।

बारां कलेक्टर इंद्रसिंह राव का सर्विस रिकॉर्ड
पीए रिश्वत कांड में नाम सामने आने के बाद बारां जिला कलेक्टर इंद्रसिंह राव को राज्य सरकार ने बुधवार शाम को ही एपीओ कर दिया है, मगर यह पहला मौका नहीं है जब इंद्रसिंह राव एपीओ हुए हैं। अपने 31 साल के प्रशासनिक सेवा के कार्यकाल में राव 6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड हो चुके हैं। इन्हें अपनी सर्विस की शुरुआत ट्रेनिंग के बाद 11 मई 1990 को हनुमानगढ़ में विकास अधिकारी पद से की थी। आरएएस से आईएएस में प्रमोट करने के बाद इंद्रसिंह राव को भाजपा सरकार ने राजस्व मंडल में लगाया था। फिर वर्ष 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने इन्हें बारां में जिला कलेक्टर पद पर लगाया था।












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