राजेश भास्कर सीकर : रिटायरमेंट से 5 दिन पहले तिरंगे में लिपटकर घर आया सपूत
सीकर। राजेश भास्कर। भारतीय सेना का जांबाज जवान। सीकर का सपूत। 31 जनवरी 2020 को रिटायर होने वाले थे, मगर दुनिया से अलविदा कह गए और पांच दिन पहले घर पर तिरंगे में लिपटकर लौटे।

34 वर्षीय राजेश भास्कर राजस्थान के सीकर जिले की धोद तहसील के गांव थोरासी के रहने वाले थे। इन दिनों श्रीनगर में 2 जाट रेजिमेंट में तैनात थे। शुक्रवार शाम को वहां हार्ट अटैक से इनकी मौत हो गई। पार्थिव देह रविवार को पैतृक गांव थोरासी पहुंची। राजकीय सम्मान से इनका अंतिम संस्कार किया गया। सात साल के बेटे अंशु ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
बता दें कि जवान राजेश भास्कर 20 दिन पहले ही 15 दिन की छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। 31 जनवरी 2020 को रिटारमेंट के बाद घर आने वाले थे। इस दौरान ड्यूटी करते समय उन्हें हार्ट अटैक आ गया। राजेश भास्कर को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गांव थोरासी के रामनिवास और पतासी देवी के घर जन्मे राजेश वर्ष 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। पिता रामनिवास खेती करते हैं। राजेश कुमार भास्कर के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी निक्की 12 साल, छोटी बेटी निधि 10 साल की है। बेटा अंशु साल का है।












Click it and Unblock the Notifications