Hindu Temple Abu Dhabi: अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन 14 फरवरी को, जानें राजस्थान से रिश्ता
First Hindu Temple Abu Dhabi: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब एक और हिंदू मंदिर दुनियाभर में चर्चा का विषय बनने वाला है। ये है अब धाबी में पहला हिंदू।
मुस्लिम देश अबू धाबी में दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल रहबा के पास अबू मुरीखा में 27 एकड़ जमीन पहला हिंदू मंदिर बनकर तैयार हो चुका है।

14 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी 13 फरवरी को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में भारतीय समुदाय शिखर सम्मेलन 'अलहान मोदी' (हैलो मोदी) को संबोधित करेंगे।
बीएपीएस संस्था करवा रही मंदिर निर्माण
Recommended Video
अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर का निर्माण बीएपीएस स्वामीनारायण स्ंस्था की ओर से करवाया गया है। खास बात यह है कि मंदिर से राजस्थान का गहरा रिश्ता है। क्योंकि मंदिर राजस्थान के कारीगरों के हाथों से बना है। यहीं का पत्थर इस्तेमाल हुआ है।
जयपुर से पत्थर ले गए अबू धाबी
मंदिर बनाने के जयपुर के गुलाबी बलुआ पत्थर अबू धाबी ले जाए गए हैं। 25 हजार से अधिक पत्थर के टुकड़ों से मंदिर बनाने में राजस्थान के साथ-साथ गुजरात के भी कुशल कारीगरों की अहम भूमिका है।
योगदान देकर गौरवान्वित महसूस कर रहे
राजस्थान के कारीगर राम किशन सिंह मीडिया से बातचीत में बताते हैं कि वे अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी के कारीगर हैं। पत्थरों को तराशने के अपने पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे हैं। अबू धाबू में पहला हिंदू मंदिर बनाने में अपना योगदान देकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

नक्काशी पर पवित्र ग्रंथों की कहानियां
टोंक के कारीगर बलराम कहते हैं कि हमने मंदिर में सफेद संगमरमर और गुलाबी बलुआ पत्थर का इस्तेमाल करके जटिल नक्काशी भी की है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। नक्काशी पवित्र ग्रंथों की कहानियों को बयां करती हैं।
40 हजार घन फीट संगमरमर काम लिया
अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर का निर्माण करने वाले प्रबंधक मधुसूदन पटेल के अनुसार 'निर्माण के दौरान हमारी यात्रा नवाचार और चुनौतियों पर काबू पाने का मिश्रण रही है। हमने गर्मी प्रतिरोधी नैनो टाइल्स और भारी ग्लास पैनल का उपयोग किया है। 40 हजार घन फीट संगमरमर का उपयोग किया गया है।'












Click it and Unblock the Notifications