मंत्री के बंगले कोटरा लेकर पहुंची विधवा महिलाएं, BJP नेता गौरीशंकर ने दिया थाने के सामने धरना,जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे के घर के बाहर दिवंगत शिक्षकों की विधवाओं ने कोटरा प्रदर्शन दिया।

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के बंगले में मंगलवार को दिवंगत शिक्षकों की विधवाओं ने कोटरा लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में बीते एक महीने से अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ के बैनर तले अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही हैं। विधवा महिलाएं अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही हैं।

gourishankar shriwas bjp

महिलाओं का कहना है कि उनके शिक्षाकर्मी पति की मृत्य के बाद जीवन यापन मुश्किल हो चुका है,इसलिए उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी जानी चाहिए। मंत्री रविंद्र चौबे के शंकर नगर स्थित बंगले में कोटरा लेकर कहा कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में उनकी हालत भिक्षुओं जैसी हो गई है।

पुलिस ने महिलाओं को प्रदर्शन करने से रोका,लेकिन ना मानने पर उन्हें हिरसत में ले लिया गया। इधर इस मामले में भाजपा प्रवक्ता गौरिशंका श्रीवास बेहद सक्रिय नजर आये। श्रीवास महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में सिविल लाइन थाने के सामने धरने पर बैठ गए। गौरशंकर श्रीवास लगातार एक बाद ट्विट भी करके प्रदेश सरकार पर हमलावर नजर आये और महिलाओं की रिहाई के संबंध में भी जानकारी साझा की।


कुछ दी पहले ही राजधानी के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल के पास स्थित बूढ़ातालाब में दिवंगत शिक्षाकर्मियों की पत्नियों ने छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की थी। हालाकिं मौके पर मौजूद महिला पुलिस बल ने किसी तरह महिलाओं को तालाब में डूबने में बचा लिया था।

बहरहाल करीब 200 महिलाएं अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ की प्रांताध्यक्ष माधुरी मृगे ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 जुलाई 2018 के पूर्व मृत शिक्षाकर्मियों के परिवारों को अनुकंपा देने से इंकार कर दिया है। जिसकी वजह से उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो चुका है। राज्य सरकार ने डीएड,बीएड का प्रावधान रखा है, फिर भी डीएड,बीएड कर चुकी महिलाओं को नियुक्ति नहीं दी जा रही हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की घोषणा के अनुसार दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता का परीक्षण कर सुझाव एवं सेवा शर्ते निर्धारित करने के लिए अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था,लेकिन 8 महीने बाद भी समिति ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।

यह भी पढ़ें ब्रह्मानंद नेताम को गिरफ्तार करने पहुंची झारखंड पुलिस, दिखाया हाईकोर्ट का आदेश,लौटना पड़ा खाली हाथ

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+