छत्तीसगढ़: पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेताओं को कहा नामर्द
रायपुर, 16 मई। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस नेताओं के लिए बेहद कड़वी जुबान का उपयोग किया। बृजमोहन अग्रवाल के बयान के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने यह बयान बीजेपी के जेल भरो आंदोलन के दौरान दिया।

रायपुर में घड़ी चौक के भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की अगुवाई में कार्यकर्त्ता पुलिस की तरफ से लगाए गए बैरीकेड हटाकर मुख्यमंत्री निवास की तरफ कूच कर रहे थे। सभी कार्यकर्ताओ और बृजमोहन अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तारने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- कांग्रेस के लोग निकम्मे हैं और नामर्द हैं। छत्तीसगढ़ में धरना, आंदोलन या जुलूस के लिए बनाई गई गाइडलाइन है, किसी और दूसरे में नहीं है।
बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरह कानून कहां लागू है, कांग्रेस के नेताओं को इसका आदेश दिखाना चाहिए । छत्तीसगढ़ अलग राज्य क्यों बना है, जो कानून अन्य राज्यों में लागू हैं,वह यहां भी लागू होंगे । कांग्रेस नेता दूसरे प्रदेशों से बराबरी की बात कर रहे हैं। तो दूसरे राज्यों में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, यहां पीएम आवास के मकान क्यों नहीं बन रहे, यहां लोगों को पट्टे क्यों नहीं मिल रहे, यहांहर घर में नल क्यों नहीं पहुंच रहा। अन्य राज्यों की बात करते हैं तो अन्य राज्यों की बराबरी करके दिखाएं जहां केंद्र की योजनाएं लागू हैं।
इधर कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि बृजमोहन अग्रवाल सत्ता हाथ से निलने के बाद बौखला गए हैं, वह अब अभद्र और अशिष्ट हो गए हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने जिन शब्दों का प्रयोग बेहद आपत्तिजनक हैं। जिसपर कांग्रेस आपत्ति व्यक्त करती हैं, हम चाहते हैं कि बृजमोहन अग्रवाल अपने शब्दों पर जनता से माफी मांगें। जहां तक आंदोलन की गाइडलाइन का है, तो बृजमोहन अग्रवाल मतिभ्रम के शिकार हो चुके हैं। वह छत्तीसगढ़ में भाजपा शासन काल के समय खुद गृहमंत्री थे। तब इन्हीं नियमों केअनुसार धरना की अनुमति दी जाती थी। जन सरोकार का कोई विषय भाजपा के नहीं है, तो काल्पनिक मुद्दों पर सियासत करने की कोशिश है। दरअसल बीजेपी ने गृह विभाग के एक आदेश के कारण से जेल भरो आंदोलन किया है ,जिसके तहत किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम , धरना प्रदर्शन, रैली को आयोजित करने से पहले कलेक्टर कार्यालय से अनुमति जरुरी है ।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ में भाजपा ने किया जेल भरो आंदोलन, कांग्रेस ने बताया नौटंकी












Click it and Unblock the Notifications