पंजाब: एक महीने से भूख हड़ताल पर शिक्षक संगठन, सातवें वेतन आयोग लागू करने की कर रहे मांग
चुनावी साल में ज़्यादातर संगठन अपनी-अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। आंदोलनकारियों को यह उम्मीद है कि सरकार चुनावी सौगात देते हुए उनकी मांगे पूरी कर लेगी।
चंडीगढ़, अक्टूबर, 5, 2021। चुनावी साल में ज़्यादातर संगठन अपनी-अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। आंदोलनकारियों को यह उम्मीद है कि सरकार चुनावी सौगात देते हुए उनकी मांगे पूरी कर लेगी। इसी क्रम में पिछले एक महीने ले 196 कॉलेजों के प्रोफ़ेसर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के मेन गेस्ट हॉउस के सामने भूख हड़ताल पर हैं। उनकी की मांग है कि सातवें वेतनमान को पंजाब के प्रोफेसरों और शिक्षकों के लिए पंजाब सरकार के द्वारा लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा 2016 से लागू किए गए वेतनमान को पंजाब सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है।

एक महीने से भूख हड़ताल पर हैं शिक्षक
पंजाब फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के सदस्य प्रोफेसरों कहना है कि शिक्षक सातवें वेतनमान के लिए एक माह से भूख हड़ताल श्रृंखला चला रहे हैं। लेकिन शिक्षा से जुड़े अधिकारी इस बाबत कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। अधिकारी नहीं चाहते हैं कि शिक्षकों का भला हो। प्रोफसर बलविंदर सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा आयोग के सचिव के साथ शिक्षकों की एक बैठक भी हुई जो कि बेनतीजा रही। पंजाब कैबिनेट ने इसका हल निकालने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। प्रोफेसरों की मांग है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुद इस मामले को देंखे और जल्द से जल्द सातवें वेतनमान को लागू करें। वहीं पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों की अनदेखी की गई तो शिक्षक मजबूरी में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
यूजीसी वेतनमान लागू करने की मांग
आपको बता दें कि शिक्षक दिवस से पंजाब के शिक्षकों ने यूजीसी वेतनमान को लागू करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। शिक्षकों का एक प्रतिनिधि मंडल पिछले एक महीनें से लगातार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनशन पर बैठे रहते हैं। प्रोफेसरों द्वारा यह कदम पंजाब सरकार पर तुरंत सातवें यूजीसी वेतनमान को लागू करने और यूजीसी वेतनमान को अलग करने के निर्णय को वापस लेने के लिए उठाया गया है। प्रोफेसरों का कहना है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि वास्तविक मांगों के के लिए उन्हें भूख हड़ताल करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक पीफुक्टो के सभी घटकों एक ही स्थान पर बारी-बारी से भूख हड़ताल की श्रृंखला में भाग लेने का संकल्प लिया है।
मांगों के लेकर प्रदर्शन
पंजाब और चंडीगढ़ में यूजीसी ग्रेड के मामले में संज्ञान नहीं लेने के ख़िलाफ़ शिक्षकों ने चंडीगढ़ में शुक्रवार को कई सौ शिक्षकों ने एक साथ सामूहिक आकस्मिक छूट्टी के साथ यूजीसी वेतनमानों को लागू करने के लिए धरना दिया था। इस विरोध प्रदर्शन मे पंजाब फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गनाइजेशन, पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन, जीएनडीयू टीचर्स एसोसिएशन, अमृतसर-पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन लुधियाना, गुरु अंगद देव वेटरनरी साइंसेज यूनिवर्सिटी, गडवासुता, लुधियाना, पंजाबी यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन पटियाला के संगठन शामिल हैं। सदस्यों ने कहा कि उच्च शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार नए आए हैं। उनसे सभी शिक्षकों को उम्मीद है कि वह मसले का हल करेंगे।
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