पंजाब: सिद्धू की सियासत को मज़बूत करने उतरी बेटी राबिया, सियासी गतिविधियों में खूब आ रहीं नजर
नवजोत सिंह सिद्धू की बेटी राबिया सिद्धू ने पिता की सियासत की बागडोर संभालने में जुट गई हैं। सिद्धू की सियासत को मज़बूत करने के लिए राबिया सिद्धू राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नज़र आ रही हैं।
चंडीगढ़, अक्टूबर 15, 2021। पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के चल रहा है,सीएम चन्नी से लेकर आलाकमान तक पंजाब कांग्रेस के कलह को शांत करने की कोशिश में है। इसी बीच नवजोत सिंह सिद्धू की बेटी राबिया सिद्धू ने पिता की सियासत की बागडोर संभालने में जुट गई हैं। सिद्धू की सियासत को मज़बूत करने के लिए राबिया सिद्धू राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नज़र आ रही हैं। हालांकि राबिया सिद्धू ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए यह बात कही थी की वह सियासत में अभी क़दम नहीं रखेंगी। साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि आने वाले वक़्त में कुछ भी हो सकता है। वहीं उनकी सक्रियता को देखते हुए सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है कि भविष्य में राबिया सियासी मैदान में क़दम रख सकती हैं।

राबिया सिद्धू ने संभाली कमान
राबिया सिद्धू ने अपने पिता नवजोत सिंह सिद्धू के विधानसभा हलका अमृतसर पूर्वी में सियासी कमान संभाली हुई है। हाल ही में उन्होंने न्यू अमृतसर क्षेत्र के बी ब्लॉक में पार्को के सुंदरीकरण के कार्य का शुभारंभ किया। 33 लाख रुपये का ख़र्च पार्को के सुंदरीकरण पर आएगा। ग़ौरतलब है कि छह दिसंबर को नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी ने 6 सिंतबर को सुंदरीकरण के कार्य का शुभारंभ कर चुके थे। वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुंदरीकरण के कार्य का दोबारा शुभारंभ नवजोत सिंह सिद्धू की बेटी राबिया सिद्धू ने इसलिए किया ताकि विकास कार्य का क्रेडिट नवजोत सिंह सिद्धू को मिले। आपको बता दें कि सिद्धू की पत्नी और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव की सेहत ठीक नही है। इसलिए सिद्धू की गैरहाजिरी में उनकी बेटी ने विधानसभा हलके में मोर्चा संभाल रखा है।
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पार्को का सुंदरीकरण
न्यू अमृतसर की पार्को के सुंदरीकरण के काम का दोबारा शुभारंभ किए जाने पर जब राबिया सिद्धू से सवाल किया गया कि पिछले माह ही शुभारंभ किया गया था फिर दोबार शुभारंभ कार्य क्यो किया गया है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शुभारंभ के बाद विकास कार्य रुक गया था लेकिन यह काम अब जारी रहेगा। राबिया ने कहा कि मैं यहां अपने पिता और माता के कहने पर ही यहां आई हूं। ग़ौरतलब है कि इससे पहले राबिया ने पांच अक्टूबर को वेरका में 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवाया था। इस मौके राबिया सिद्धू ने कहा कि फिलहाल उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। वहीं उन्होंने ने कहा कि ये उद्घाटन उनकी मां डॉ. नवजोत कौर सिद्धू करने वाली थी लेकिन तबियत ठीक नहीं होने की वजह से मां की तरफ से यह जिम्मेदारी वह खुद निभाने आई हैं।

'पापा पंजाब के लिए भावुक होते हैं'
राबिया सिद्धू से जब पूछा गया कि उनके पिता नवजोत सिंह सिद्धू अपने ही सरकार पर निशाना साधते हुए नज़र आते हैं। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पापा को पंजाब से बहुत लगाव है, पंजाब के लिए अपने ऐजंडे पर कायम हैं, वह उनके साथ हैं। वहीं राबिया ने सवाल करते हुए कहा कि क्या आप ऐसा नेता चाहते हैं, जो पंजाब के लिए भावुक ना हों। पापा पंजाब के लिए भावुक होते हैं क्योंकि उन्हें दर्द महसूस होता है। आपको बता दें कि हाल ही में सिद्धू का एक बयान आया था, जिसमें उन्होंने उनकी प्रतिभा को नज़रअंदाज़ करने की बात कही थी। सीएम चन्नी के कुछ फ़ैसले पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए सिद्धू ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। वहीं उन्होंने कहा था कि उन्हें दिए गए सम्मान के लिए कांग्रेस आलाकमान के आभारी रहेंगे। कभी भी समझौता नहीं करेंगे।
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