पंजाब: बादल परिवार का टूटा 30 सालों का रिकॉर्ड, हार पर मंथन के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन
पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के बाद सभी सियासी पार्टियां हार पर मंथन करने में जुट गई हैं।
चंडीगढ़, 15 मार्च 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के बाद सभी सियासी पार्टियां हार पर मंथन करने में जुट गई हैं। आप की आंधी में बादल परिवार के कई सियासी रिकॉर्ड टूट गए। सुखबीर सिंह बादल का सबसे बड़ा चुनावी एतिहासिक रिकॉर्ड था कि उन्होंने अपने चुनावी सफ़र में कभी भी मात नहीं खाई थी, लेकिन इस बार के चुनाव में उनका यह रिकॉर्ड टूट गया। इसके साथ ही 30 सालों में पहली बार ऐसा होगा कि पंजाब विधानसभा में बादल परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं रहेगा। इन्हीं सब मुद्दों को देखते हुए शिरोमणि अकाली दल भी अपने हार पर मंथन करने में जुट गई है। शिअद नेता ने कहा कि हार पर मंथन करने के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा।

हार पर मंथन के लिए कमेटी का गठन
पंजाब चुनाव में शिरोमणि अकाली दल की हुई हार के बाद यह चर्चा तेज़ थी कि शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल इस्तीफ़ा देंगे। हालांकि सुखबीर बादल के इस्तीफ़ा देने वाली बात पर पूर्ण वीराम लग चुका है। आपको बता दें कि चंडीगढ़ में हुई शिरोमणि अकाली दल की कोर कमिटि बैठक में यह फ़ैसला लिया गया है कि सुखबीर सिंह बादल इस्तीफ़ा नहीं देंगे। शिअद प्रवक्ता दलचीत चीमा ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व से संतुष्ट हैं इसलिए वह इस्तीफ़ा नहीं देंगे। हार की क्या वजह रही है इस पर मंथन करने के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी के सदस्य पंजाब चुनाव के नतीजे और कहां चूक हुई है इसकी समीक्षा करेंगे।

शिरोमणि अकाली दल की हार
शिरोमणि अकाली दल ने सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में 2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हो पाई। इस वजह से यह चर्चा तेज़ थी कि सुखबीर सिंह बादल अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। आपको बता दें कि 2017 विधानसभा चुनाव के मुक़ाबले में 2022 के विधानसभा चुनाव में शिअद का प्रदर्शन और भी ख़राब हो गया। 2017 में शिरोमणि अकाली दल ने 15 सीटें जीती तो वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ तीन सीटों पर ही जीत दर्ज की। 2017 के वोट शेयर की बात की जाए

2017 में चुनाव जीते थे सुखबीर बादल
पंजाब के 2017 के विधानसभा चुनाव में भी शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने जलालाबद सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने 75 हज़ार 271 वोटों से जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भगवंत मान को हराया था। वहीं भगवंत मान को 56 हज़ार 771 वोटों पर सब्र करना पड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में शोरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल को 44.82 फ़ीसद, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भगवंत मान को 33.8 फ़िसद और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू को वोट 18.78 फ़िसद वोट मिला था। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जगदीप 'गोल्डी' कंबोज ने ही उन्हें (सुखबीर बादल) मात दे दी।
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