पंजाब में कांग्रस की करारी हार के बाद पार्टी में सिर फुटव्वल, 2024 के चुनाव पर पड़ेगा असर
पंजाब चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में सिर फुटव्वल शुरू हो चुका है। 2024 के लोकसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है।
चंडीगढ़, 15 मार्च 2022। पंजाब चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में सिर फुटव्वल शुरू हो चुका है। 2024 के लोकसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। कांग्रेस की हार को लेकर पार्टी के नेता पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं। हार की वजह से चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस नेताओं की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह सिद्धू (पूर्व मंत्री) ने भी सिद्धू और चन्नी पर हमला बोलते हुए उन्हें 'पलटू और अवसरवादी' बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की शर्मनाक हार की पटकथा इन दोनों नेताओं ने ही लिखी थी।

सिद्धू को नहीं बनाना चाहिए था अध्यक्ष- बलबीर
पंजाब सरकार में मत्री रहे कांग्रेस नेता बलबीर सिद्धू ने कहा कि चन्नी और सिद्धू कांग्रेस के इतिहास और संस्कृति से अलग हैं। सुनिल जाखड़ की जगह नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के बाद से कांग्रेस की गिरावट शुरू हो गई थी, क्योंकि कांग्रेस के मज़बूत नेता सुनील जाखड़ की जगह नवजोत सिं सिद्धू जैसे बाहरी व्यक्ति को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया जिसे पार्टी में शामिल हुए चार साली ही हुए थे। पंजाब में चुनाव में हारने की वजह यह रही कि पार्टी वक़्त पर सही फ़ैसले नहीं ले सकी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ग़लती मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाना था। कैप्टन के पार्टी से इस्तीफ़ा देने के बाद ही पंजाब में सरकार और पार्टी पूरी तरह से बिखर गई।

धर्मनिरपेक्ष और संस्कृति का दावा करती है- बलबीर सिद्धू
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि सुनील जाखड़ को मुख्यमंत्री नहीं बनाने की वजह से भी कांग्रेस का हार हुई है। उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ को विधायकों का समर्थन होने के बावजूद मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया क्योंकि वह हिंदू थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष और संस्कृति का दावा करती है। धर्म की सियासत में कांग्रेस यक़ीन रखती तो ज्ञानी जैल सिंह हिंदुस्तान के राष्ट्रपति नहीं होते और ना ही डॉ मनमोहन सिंह देश प्रधानमंत्री होते और गृह मंत्री नहीं बूटा सिंह होते। वहीं उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ग़लती टिकट बंटवारे में हुई है।

पार्टी के दिग्गज नेताओं का कटा टिकट
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब चुनाव में जगमोहन सिंह कांग, अमरीक सिंह ढिल्लों, अजैब सिंह भट्टी और केवल सिंह ढिल्लों जैसे दिग्गज नेताओं का टिकट काट दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी वक़्त पर सही फ़ैसला नहीं ले पाई इस वजह से चुनाव में हार हुई है। नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने से पहले पार्टी के कार्यकर्ता और नेता आश्वस्त थे कि 2022 में दोबारा से कांग्रेस ही सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की हार की वजह पार्टी के नेता अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाना और कांग्रेस से इस्तीफा देना है।

कांग्रेस को संगठन मज़बूत करने की ज़रूरत
एक तरफ़ कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना और पार्टी छोड़ कर जाना हार की वजह बता रहे हैं तो, वहीं दूसरी ओर सोनिया गांधी कैप्टन सिंह को वक़्त पर नहीं हटाने से पार्टी की हार बता रही है। आपको बता दें कि रविवार को हुई कांग्रेस की वर्किंग कमिटी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी बड़ी ग़लती थी कि वह कैप्टन का बचाव कर रही थीं। इस मामले में सियासी जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस के नेता हार से सबक लेकर पार्टी के संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान नहीं देंगे तो 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है। कांग्रेस को चाहिए कि वह ज़मीनी स्तर पर नेता और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर के अपने संगठन को मज़बूत करें। और पार्टी नेताओं को एक दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी करने से परहेज करने को कहे।
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