पंजाब पुलिस का हाईटेक ICCC बना आधुनिक पुलिसिंग का नया मॉडल, AI से अपराधियों पर कड़ी नजर
पंजाब पुलिस ने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को नई दिशा दी है। राज्यभर में स्थापित अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) अब अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने, संदिग्धों की पहचान करने और बड़ी वारदातों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा रहा है। लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों और एआई आधारित निगरानी प्रणाली ने पुलिसिंग को और अधिक तेज़, स्मार्ट और प्रभावी बना दिया है।

हाल ही में पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने लुधियाना में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। इस परियोजना के तहत शहर के 259 स्थानों पर करीब 1,700 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ट्रैफिक, पुलिस कंट्रोल रूम, सेफ सिटी और वायरलेस जैसी विभिन्न इकाइयों को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे पुलिसिंग और निगरानी व्यवस्था और मजबूत हुई है।
जालंधर ICCC ने कई बड़े मामलों को सुलझाने में निभाई अहम भूमिका
जालंधर में स्थापित ICCC नेटवर्क में 1,007 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जिन्होंने कई बड़ी आपराधिक घटनाओं की जांच में पुलिस की मदद की। भार्गव कैंप स्थित ज्वेलरी दुकान में हुई एक करोड़ रुपये के सोने और नकदी की लूट के मामले में पुलिस ने 12 जंक्शन की फुटेज को एक साथ सिंक्रोनाइज़ कर आरोपियों के भागने के रास्ते का पता लगाया और चोरी की संपत्ति बरामद की।
इसी तरह भाजपा नेता Manoranjan Kalia के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी ICCC की डिजिटल ट्रैकिंग तकनीक बेहद कारगर साबित हुई। पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों को रेलवे स्टेशन तक ट्रैक किया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के आधार पर एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों और एआई से अपराधियों पर पैनी नजर
संतोखपुरा फायरिंग केस और आम आदमी पार्टी नेता Satvinderpal Singh Lucky Oberoi की हत्या जैसे मामलों में भी ICCC ने विजुअल रिकग्निशन और डिजिटल एनालिसिस के जरिए जांच को नई दिशा दी।
जालंधर में कुल 982 फिक्स्ड कैमरे और 15 पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे सक्रिय हैं, जबकि कई ट्रांजिट हब्स पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाए गए हैं। ऑपरेटर केवल "रेड शर्ट", "व्हाइट एसयूवी" या वाहन की स्पीड जैसे संकेतों के आधार पर कुछ ही सेकंड में घंटों की फुटेज खंगाल सकते हैं।
एआई और ह्यूमन इंटेलिजेंस का बेहतरीन संयोजन
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस की संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में स्थापित ICCC पुलिस बल को अपराध की जड़ों तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं और आधुनिक तकनीक पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बना रही है।
जालंधर के पुलिस कमिश्नर Dhanpreet Randhawa ने कहा कि ICCC शहर के "ब्रेन" की तरह काम करता है, जो रॉ डेटा को उपयोगी खुफिया जानकारी में बदल देता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानवीय सूझबूझ का यह संयोजन पुलिसिंग को नई ताकत दे रहा है।
प्रतिक्रिया समय घटकर 7-8 मिनट हुआ
लुधियाना ICCC के जरिए पीसीआर रिस्पॉन्स टाइम में भी बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां पुलिस की प्रतिक्रिया में करीब 15 मिनट लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर लगभग 7 से 8 मिनट रह गया है। इसके अलावा 46 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी स्थापित किया गया है, जिससे ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और अधिक स्मार्ट बनाया गया है।












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