पंजाब में महिलाओं की बल्ले-बल्ले, अब हर महीने खाते में आएंगे ₹1500, भगवंत मान सरकार का फैसला
Punjab Women 1000 scheme: पंजाब सरकार ने बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर महिलाओं के लिए 'मांवां धीयां सतिकार योजना' शुरू की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 से 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में बराबरी का हक दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जुलाई 2026 से इसका लाभ मिलना शुरू होगा। सरकार ने इसके लिए 9300 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिससे प्रदेश की लगभग 97% महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।

किसे और कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
इस योजना के तहत वित्तीय मदद को दो श्रेणियों में बांटा गया है। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि यह पैसा सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे महिलाएं अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगी और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।
Maanwa Dheeya Satikar Yojana: रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया को बहुत सरल रखा गया है। महिलाओं को केवल तीन मुख्य दस्तावेजों की जरूरत होगी: पंजाब के पते वाला आधार कार्ड, पंजाब का वोटर आईडी कार्ड और बैंक पासबुक। अनुसूचित जाति की महिलाओं को अतिरिक्त लाभ के लिए जाति प्रमाण पत्र देना होगा। यदि फिलहाल किसी के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, तो भी वे रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं। उन्हें तब तक 1000 रुपये मिलते रहेंगे, जब तक वे अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं कर देतीं।
9 हलकों से शुरुआत और भविष्य का प्लान
यह योजना अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 9 हलकों (जैसे आदमपुर, सुनाम, मोगा आदि) में शुरू की गई है। इन क्षेत्रों में 15 अप्रैल से काम शुरू हो गया है। पंजाब के बाकी बचे 108 हलकों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मई से शुरू कर दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचकर हर पात्र महिला को इस सुरक्षा घेरे में शामिल किया जाए ताकि कोई भी इस लाभ से वंचित न रह सके।
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रजिस्ट्रेशन की कोई समय-सीमा नहीं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं को भरोसा दिलाया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आखिरी तारीख नहीं रखी गई है। अगर कोई महिला किन्हीं कारणों से देरी से, जैसे सितंबर में भी अपना नाम दर्ज कराती है, तो भी उसे घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उसे जुलाई से लेकर सितंबर तक का पूरा बकाया (Backlog) एक साथ देगी। इसका मतलब है कि देर से जुड़ने पर भी किसी का आर्थिक नुकसान नहीं होगा और पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
'महिला सतिकार सखियां' करेंगी मदद
महिलाओं की सुविधा के लिए सरकार ने हर गांव और वार्ड में 'महिला सतिकार सखियां' तैनात करने का फैसला किया है। ये सखियां घर-घर जाकर महिलाओं को योजना की जानकारी देंगी और फॉर्म भरने में उनकी मदद करेंगी। अगर किसी महिला के पास बैंक खाता या वोटर आईडी नहीं है, तो ये सखियां उसे बनवाने में भी मार्गदर्शन करेंगी। इससे उन महिलाओं को बहुत आसानी होगी जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने में असमर्थ हैं।
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26,000 केंद्रों पर पंजीकरण की सुविधा
पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पंजाब भर में 26,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन केंद्र बनाए गए हैं। महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, सेवा केंद्र या नगर निगम के दफ्तर में जाकर अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं। इतनी बड़ी संख्या में केंद्र होने से कहीं भी भीड़ नहीं लगेगी और महिलाएं अपने घर के पास ही आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकेंगी। सरकार का यह व्यापक नेटवर्क इस योजना को जमीन पर सफल बनाने के लिए तैयार है।












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