पंजाब: बारिश के बाद डेंगू के प्रकोप का खतरा, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैयार, घर-घर छिड़केंगी दवा
पठानकोट। इस बार बारिश का सीजन पिछली बार की तुलना में पहले शुरु हो गया है। पिछले दिनों की बारिश के बाद पंजाब के पठानकोट समेत कई जिलों में डेंगू के प्रकोप की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 15 सदस्यीय टीम घर-घर भेजने का फैसला किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, डेंगू वाले मच्छरों की ब्रीडिंग चेक करने के लिए विभाग काे कुल 15 सदस्यों वाली टीम घर-घर भेजनी है। टीम मेंबर्स हाईरिस्क मोहल्लों में सप्ताह में 2 से 3 बार फाॅगिंग और खड़े पानी पर काले तेल का छिड़काव करेंगे।

डेंगू का प्रकोप
जानकारी के मुताबिक, पठानकोट जिले में डेंगू के 2 मरीज मिलने के बाद इस बीमारी के प्रकोप के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी सीएचसी सेंटरों के एसएमओ को सूचना भेजी है। उनसे कहा गया है कि एलटी को हिदायते दी जाएं कि सिविल अस्पताल समेत सीएचसी में आने वाले संदिग्ध और बीमार मरीजों की ब्लड स्लाइडे बनाकर सिविल अस्पताल की लैब में जांच को भेजे जाएं, ताकि डेंगू की जांच को एलाइजा टेस्ट किया जा सकें।

6 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किया गया
सरकार ने डेंगू से निपटने के लिए ब्रीडिंग चेक करने को स्वास्थ्य विभाग को 9 और सदस्य रखने की भी मंजूरी दी है, ताकि घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे को लेकर ब्रीडिंग को चैक किया जा सके। इसके अलावा सिविल अस्पताल में 6 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। जिला एपिडिमाेलाॅजिस्ट डाॅक्टर साक्षी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डेंगू से निपटने को वे पूरी तरह से तैयार हैं। इसके लिए सिविल अस्पताल में 6 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किया है।

घरो में पानी स्टोर कर खुला न रखें
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम को भी लिखा गया है कि जिन इलाकेां में पिछले वर्ष डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज मिले थे, वहां सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार फागिंग और खड़े पानी पर काले तेल का छिड़काव किया जाए, ताकि डेंगू मच्छर से लोगों को बचाया जा सकें। विभाग की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि अपने-अपने घरो में पानी स्टोर न करें। कूलरों, फ्रिजों की ट्रेयों से पानी निकालकर सुखाएं। घर की छतों पर पड़े गमलों, टायरों, कबाड़ या टूटे बर्तनो में पानी जमा न होने दें। घरो में पानी स्टोर कर खुला न रखें।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि, लोग अपने घरों व आस-पास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और कहीं भी बाहर पानी खड़ा न होने दें। बता दें कि पिछले साल यानी कि 2021 में इस जिले में डेंगू के 1725 मरीज मिले थे। जिनमें शहर के 1350 से अधिक मामले थे। वहीं, 21 मोहल्लों में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज मिलने पर हाई रिस्क घोषित किया हुआ है।












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