पंजाब-हरियाणा HC का अहम फैसला, 'कुछ दिन साथ रहने का मतलब लिव-इन रिलेशनशिप नहीं'

चंडीगढ़, 16 दिसंबर: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि, यदि दो एडल्ट आपसी सहमति से कुछ दिनों तक साथ रहे तो इसका मतलब यह नहीं कि वे लिव-इन रिलेशनशिप में हैं। हाईकोर्ट ने साफ किया कि कोई कपल कितने लंबे समय से साथ रह रहा है और साथ में वह साथी के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है, जिम्मेदारी उठा रहा है या नहीं, इन सबसे मिलकर ही कोई रिश्ता शादी के समान होता है।

Punjab and Haryana High Court says Merely Living Together is not live in relationship

हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज बजाज की पीठ ने यमुनानगर जिले के एक कपल द्वारा फाइल की गई याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया था। इस कपल ने अपने परिवार से सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। मनोज बजाज की पीठ ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज किया और यह नोट किया गया कि याचिका कार्रवाई के वैध कारण के बिना दायर की गई थी।

कोर्ट ने शुरुआत में कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा व्यक्त की गई धमकी की आशंका वास्तविक नहीं लगती है। अदालत ने यह भी कहा कि निजी प्रतिवादियों द्वारा उनके खिलाफ अब तक कोई शिकायत नहीं की गई है। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि अगर याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी भी निजी प्रतिवादी द्वारा पुलिस को शिकायत की जाती है तो इसे उनके जीवन और स्वतंत्रता के लिए खतरा नहीं माना जा सकता है क्योंकि निजी प्रतिवादी भी अपने उपचार का लाभ उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।

कोर्ट ने कहा कि समाज पिछले कुछ वर्षों से सामाजिक मूल्यों में गहरा बदलाव अनुभव कर रहा है, विशेष रूप से उत्साही युवाओं के बीच, जो शायद ही कभी पूर्ण स्वतंत्रता की खोज में अपने माता-पिता का साथ छोड़ कर उनकी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने लगे हैं। एक साथ रहने का उनका अधिकार या तो उनके अचानक, गुप्त और छोटे गंतव्य विवाह या लिव-इन-रिलेशनशिप पर आधारित है।

कपल ने दावा किया था कि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं और वयस्क होने पर शादी करने का फैसला किया है। सुरक्षा याचिका में यह कहा कि लड़की के माता-पिता उनके खिलाफ हैं और उन्होंने अपनी पसंद के लड़के के साथ उसकी शादी करने का फैसला किया है और उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की चेतावनी भी दी है। 18 साल की लड़की और 20 साल के लड़के की ओर से दायर की गई याचिका पर पीठ विचार कर रही थी।याचिकाकर्ताओं के वकील ने दावा किया था कि वे एक-दूसरे के प्यार में थे और वयस्क होने पर शादी करेंगे। वकील ने कहा कि, याचिकाकर्ता 24 नवंबर, 2021 से लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने लगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+