पंजाब: नवजोत सिद्धू ने फिर बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें, बयानबाज़ी के निकाले जा रहे कई मायने, जानिए क्यों ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा ? यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चंडीगढ़, 05 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा ? यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले कई दिनों से कांग्रेस का सीएम चेहरा को लेकर कई तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं। कई तरह के पहलुओं को आधार मानते हुए चरणजीत सिंह चन्नी रेस में आगे माने जा रहे हैं, लेकिन सिद्धू की बयानबाज़ी की वजह से फिर से कांग्रेस आलाकमान फिर से मंथन कर रही है। बहरहाल अभी सीएम उम्मीदवार की रेस में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी रेस में हैं। वहीं आज नवजोत सिंह सिद्धू की बयानबाज़ी से फिर एक बार सियासी पारा चढ़ गया है।

सिद्धू के बयान से चढ़ा सियासी पारा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर में कहा कि अगर ईमानदार सीएम चेहरा नहीं चुना गया तो सियासत में अपना सबकुछ छोड़ कर नहीं आएगा। सिद्धू के इस बयान के बाद से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर उनकी नज़र में ईमानदार चेहरा कौन है, क्या चरणजीत सिंह चन्नी ईमानदार नहीं हैं, अगर वह ईमानदार नहीं थे तो कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की कमान क्यों सौंपी थी। सियासी जानकारों की मानें तो सिद्धू इस तरह से प्रेशर पॉल्टिक्स कर रहे हैं। वह इस तरह की बयानबाज़ी से आलाकमान पर दबाव बनाना चाहते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाए। सियासी जानकारों का कहना है कि इस तरह कांग्रेस नेताओं की बयानबाज़ी से मतदाताओं का भरोसा पार्टी से उठ रहा है।

'जनता के हितों में नहीं सोच रहे हैं कांग्रेस नेता'
मतदाताओं में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कांग्रेस नेता जनता के हितों में नहीं सोच रहे हैं। सभी अपनी कुर्सी की लड़ाई लड़ रहे हैं ताकि वह पॉवर में रहें। जनता के हक़ और पंजाब का विकास कैसे हो इस पर कोई भी कांग्रेसी बात नहीं कर रहा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने आज अमृतसर प्रेस कॉन्फ़्रेंस किया। पीसी के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान काफी परिपक्व है। वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार को चुनने में सही फ़ैसला करेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कोई भी चुनावी तैयारियों की बात नही कर रहा है, पंजाब और यहां के जनता के लिए बात करनी है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के लिए क्या रोडमैप है, इस मुद्दे पर बात नहीं की जा रही है।

पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं में मतभेद
अमृतसर में प्रेस वार्ता के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस के पास 60 विधायक होंगे तो ही मुख्यमंत्री चुना जाएगा, कोई भी 60 विधायकों की बात नहीं कर रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने आलाकमान पर ही सवालिया निशान लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस आलाकमान कमज़ोर मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनके मुताबिक चले। मुख्यमंत्री के हाथ में पूरे प्रदेश को व्यवस्थित तरीक़े से चलाने की ज़िम्मेदारी होती है। पंजाब को नया बनाने की ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री की है। आलाकमान ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जो उनके इशारे पर नाचे। सिद्धू की इस बयान के बाद भी पंजाब कांग्रेस में गुटबाज़ी शुरू गई, पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष देखने को मिल रहा है।
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