Punjab News: पंजाब में नगर निकाय चुनाव की घोषणा, 21 दिसंबर को मतदान और मतगणना
Punjab News: पंजाब में होने वाले नगर निगम और नगर परिषद चुनावों की घोषणा के साथ राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी राज कमल चौधरी ने इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए योजनाओं और तैयारियों का खाका पेश किया। राज्य सरकार ने 22 नवंबर को स्थानीय निकाय विभाग की अधिसूचना के माध्यम से चुनाव कार्यक्रम जारी किया। जिसके अनुसार मतदान प्रक्रिया दिसंबर के अंत तक संपन्न होगी।
यह चुनाव पंजाब की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा और संबंधित दस्तावेजों की छपाई का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही चुनावी आचार संहिता लागू कर दी गई है।

7 दिसंबर तक मतदाता सूची अपडेट
राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को 7 दिसंबर तक अद्यतन मतदाता सूचियां उपलब्ध करा दी गई हैं। इन सूचियों में कुल 37,32,000 मतदाता शामिल हैं। जिनमें 19,55,000 पुरुष, 17,75,000 महिलाएं और 2,044 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए आधार कार्ड की पहचान अनिवार्य होगी।
चुनाव कार्यक्रम और प्रक्रिया
चुनाव का पूरा कार्यक्रम सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। 11 दिसंबर से नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 15 दिसंबर तक नामांकन पत्रों की जांच पूरी होगी। 21 दिसंबर को मतदान होगा। जो सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। मतदान के तुरंत बाद 21 दिसंबर की शाम को ही वोटों की गिनती की जाएगी।
चुनाव 381 नगर निगम वार्डों और 598 परिषदों व नगर पंचायत वार्डों के लिए आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान एम2 मॉडल ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। सभी जिलों में स्थानीय एसएसपी और पुलिस आयुक्तों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बीएनएस नियमों के तहत बंदूक लाइसेंस पर प्रतिबंध लगाया गया है। मजिस्ट्रेट इस प्रतिबंध को लागू करेंगे। मुख्य सचिव को चुनावी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा तय
उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। नगर निगम चुनाव के लिए 4 लाख रुपए। नगर परिषद चुनाव के लिए 2 लाख रुपए। नगर पंचायत चुनाव के लिए 1.4 लाख रुपए। ये वित्तीय सीमाएं उम्मीदवारों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए तय की गई हैं।
लोकतंत्र की मजबूती का प्रयास
पंजाब नगर निगम और परिषद चुनावों के लिए की जा रही व्यापक तैयारियां राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का स्पष्ट संकेत देती हैं। मतदाता सूचियों का अद्यतन, ईवीएम की व्यवस्था और सुरक्षा उपायों से लेकर उम्मीदवारों की व्यय सीमा तक हर पहलू पर ध्यान दिया गया है।
चुनाव अधिकारी राज कमल चौधरी ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य के नागरिकों को उम्मीद है कि ये चुनाव पंजाब की लोकतांत्रिक परंपरा को नई मजबूती देंगे और जनप्रतिनिधियों का चयन शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से होगा।












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