पंजाब में अब हो सकेगा लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों का सस्ता इलाज, बन रहा है ऐसा अस्पताल
चंडीगढ़। पंजाब में लिवर संबंधी बीमारियों के लिए आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की बेहतरीन टीम वाला अस्पताल बनेगा। सरकार की ओर से बताया गया है कि, पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज इसी साल बनकर तैयार होने जा रहा है. इसने न केवल पंजाब के लोगों को बल्कि बाहरी राज्यों के मरीजों को भी इलाज मिलने में सुविधा होगी. अभी तक दिल्ली में ऐसा इंस्टीट्यूट आईएलबीएस है, जहां लिवर संबंधी सभी रोगों का इलाज और सर्जरी की जाती है और यह दिल्ली सरकार से जुड़ा हुआ है.

कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विभाग को महामारी की रोकथाम के लिए अपेक्षित एहतियात बरतने संबंधी लोगों को सचेत करने के लिए तुरंत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा. साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड-19 महामारी के प्रभाव से बचाना समय की जरूरत है. विभाग को किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी कर लेनी चाहिए. मीटिंग के दौरान भगवंत मान ने इस महामारी के साथ कारगर ढंग से निपटने के लिए विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की.
इसके साथ ही सीएम ने विभाग को एसएएस नगर ( मोहाली) में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर और बाइलरी साइंसेज स्थापित करने के काम में तेजी लाने के लिए कहा. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट का काम दिसंबर, 2022 तक पूरा किया जाए. भगवंत मान ने उम्मीद जताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट लोगों को सस्ती दरों पर मानक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में सफल होगा.
वहीं मलेरिया और डेंगू जैसी बरसाती मौसम वाली बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किये गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए उन्होंने विभाग को इन बीमारियों से निपटने के लिए उचित मात्रा में दवाएं और अन्य साजो-सामान का प्रबंध करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अन्य विभागों के साथ भी तालमेल करना चाहिए. बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम की जरूरत पर जो देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड, डेंगू और मलेरिया से बचाव संबंधी लोगों को अवगत करवाने के लिए यह मुहिम बहुत मददगार होगी.
CM मान ने कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक एहतियात बरतने के लिए जागरूक करने के लिए यह समय की जरूरत है. उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों के सहयोग से इस दिशा में हर संभव कदम उठाया जायेगा.












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