पंजाब: शिक्षकों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर बढ़ी चन्नी सरकार की मुश्किलें, वोट बैंक में हो सकती है सेंधमारी
। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सीएम चन्नी चुनावी मोड में नज़र आ रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को संगरूर में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की रैली थी।
चंडीगढ़, 16 दिसंबर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सीएम चन्नी चुनावी मोड में नज़र आ रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को संगरूर में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की रैली थी। पुलिस ने मुख्यमंत्री की रैली के दौरान प्रदर्शन कर रहे क्वालिफाइड टीचर्स को सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करने से रोकने के लिए उनके मुंह में कपड़ा ठूंस कर मुंह बंद कर दिया और रैली स्थल से घसीटते जीप और बसों में बिठा दिया। वहीं बस की खिड़कियों से नारेबाज़ी करने पर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भी बरसाईं गई। शिक्षकों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर पंजाब में सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर चन्नी सरकार की विपक्षी दलों ने घेराबंदी शुरू कर दी है।

चन्नी सरकार की बढ़ी मुश्किलें
मुख्यमंत्री चन्नी की संगरूर रैली में शिक्षकों पर पुलिस की कार्रवाई पर चन्नी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिक्षक संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि 2017 के चुनाव में जो कांग्रेस पार्टी ने नौकरी का वादा किया था उसे पूरा करें। अगर सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का विरोध करेंगे। शिक्षक संघों ने अगर चन्नी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला तो इसका सीधा फ़ायदा आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई को होगा। पिछले महीने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोहाली में बेरोजगार शिक्षकों धरना स्थल पर पहुंच कर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की थी। सत्ता में आने पर शिक्षकों को 8 गारंटी घोषणा और पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का वादा भी किया था।

मटका चौक पर शिक्षकों का प्रदर्शन
चंडीगढ़ में 7वें वेतन आयोग और पंजाब उच्च शिक्षा को यूजीसी से डीलिंक करने के खिलाफ़ कालेज प्रोफेसरों भी चन्नी सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक आज भी मटका चौक पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू करने ही वाले थे कि तभी पुलिस ने टीचर्स को वहां से उठाकर पुलिस वाहनों में भर दिया और मटका चौक को खाली करवा दिया। पिछले दिन भी प्रोफेसर्स मटका चौक पर सड़क की दोनों तरफ़ खड़े होकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। इस दौरान कई घंटे ट्रैफिक जाम लगने से की वजह से सैकड़ों गाड़ियां जाम में फंसे रही। इसी वजब से आज मटका चौक पर प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस ने शिक्षकों को रोका और सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में पहुंचा दिया।

खिसक सकता है कांग्रेस का वोट बैंक
भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में चन्नी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। चन्नी सरकार हमेशा से ही सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने वालों की आवाज़ दबाते रही है। इससे पहले भी पंजाब पुलिस ने अजीबो गरीब फऱमान निकाला था, जिसमे यह लिखा हुआ था, कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर अगर प्रदर्शनकारी नारेबाजी करें तो वहां डीजे बजा दिया जाए। ताकि सीएम के कानों तक सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी की आवाज़ नहीं जा सके। हालांकि बाद में क्लैरिकल मिस्टेक का हवाला देते हुए उस फरमान को वापस ले लिया गया था। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरह से चन्नी सरकार के खिलाफ़ शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकती है।
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