पंजाब: किसान मोर्चा ने किया 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान, जानिए कौन सी सेवाएं रहेंगी चालू कौन सी ठप

केंद्र सरकार की तरफ़ से बनाए गए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ज़्यादातर सियासी पार्टियां किसानों के साथ खड़ा होने का दावा कर रही हैं।

चंडीगढ़ सितंबर 22, 2021। केंद्र सरकार की तरफ़ से बनाए गए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ज़्यादातर सियासी पार्टियां किसानों के साथ खड़ा होने का दावा कर रही हैं तो वहीं किसान संगठन लगातार सभी राजनीतिक दल का विरोध कर रहे हैं। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का ग़ुस्सा थमता नज़र नहीं आ रहा है। देश में एक बार फिर किसानों ने 27 सितंबर को भारत बंद का एलान किया है। तीनों नए कृषि कानूनों को पारित हुए एक साल से ऊपर हो गया है फिलहाल कृषि बिल अभी पेंडिंग है। किसान इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डरों पर काफ़ी महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर पंजाब सहित कई राज्यों के किसानों ने दिल्ली बॉर्डरों पर डेरा डाल रखा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार अपने फ़ैसले पर को वापस लेने के लिए तैयार नहीं है।

bharat band

27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए पंजाब की औद्योगिक नगरी लुधियाना में मज़दूरो ने किसानों के भारत बंद के समर्थन करने का एलान किया है। हीरो साइकिल के मज़दूरों ने एक सभा का आयोजन करते हुए भारत बंद के समर्थन का ऐलान किया। सीटू के वरिष्ठ नेता कॉमरेड सुखविंदर सिंह लोटे और कॉमरेड रामलाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को भारत बंद का सीटू समर्थन करता है। सीटू कार्यकर्ता हज़ारों की तादा में भारत बंद में शामिल होंगे। सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक कई तरह की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों, बाजारों, दुकानों, कारखानों, स्कूलों, कालेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। वहीं भारत बंद के दौरान एंबुलेंस और दमकल सेवाओं सहित इमरजेंसी सेवाओं को आवाजाही की इजाज़त होगी।

24 सिंतबर को दिल्ली में अन्ना हज़ारे की बैठक
किसान आंदोलन को लेकर अब सियासत भी शुरू हो चुकी है। कई किसान संगठन अन्ना हज़ारे से किसान आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए मुलाक़ात कर रहे हैं तो कई किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान आंदोलन को अमलीजामा पहनाने की बात कर रहे हैं। हाल ही में हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता नई सगठनों के साथ अन्ना हज़ारे सें मिलने पहुंचे थे।ग़ौरतलब है कि अन्ना हज़ारे ने 24 सिंतबर को दिल्ली में बैठक बुलाकर किसान आंदोलन की रणनीति बनाने की बात कही है।

अन्ना हज़ारे की कार्यशैली पर सवालिया निशान
किसान नेता निर्मल सिद्धू ने कहा कि किसान आंदोलन से पहले दिन से जुड़ा हुआ हूं और किसानों को हो रही परेशानियों से बहुत ही अच्छी तरह से वाक़िफ हूं। किसानों को अन्ना हज़ारे के नेतृत्व की ज़रूरत नहीं है। वह तो भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के तौर पर काम करते हैं। पिछली बार भी भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से उन्होंने कांग्रेस को कमज़ोर करने के लिए आंदोलन किया था ना कि जनता की भलाई के लिए किया था। अन्ना हज़ारे के नेतृत्व में किसान कभी भी आंदोलन नहीं करेंगे क्योंकि वह बीजेपी के एजेंट हैं। वह सिर्फ़ और सिर्फ़ भारतीय जनता पार्टी को फ़ायदा पहुंचाने का काम कर किसानों के आंदोलन को कमज़ोर बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: पंजाब: नवनियुक्त CM चन्नी का भी विरोध शुरू, 24 सितंबर को अध्यापक संघ कर सकता है CM आवास का घेराव

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+