Kisan Andolan: किसानों ने किया पंजाब बंद का ऐलान, 221 ट्रेनें रद्द, जानिए क्या खुला है और क्या बंद?
Kisan Andolan: आज पंजाब में किसानों ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा आयोजित ये विरोध प्रदर्शन आज सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक है।
आपको बता दें कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को वैध बनाने और कृषि नीतियों में सुधार की मांग कर रहे हैं।

इन्ही सब मुद्दों के मद्देनजर आज पंजाब में बंद का ऐलान हुआ है। आपको बता दें कि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब बंद रहेगा। सड़कों पर लगने वाले ठेले, रेलों की दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं तो वहीं किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए आज नॉर्दन रेलवे ने पंजाब जाने वाली 221 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है।
क्या खुला और क्या रहेगा बंद?
- शिक्षण संस्थान: राज्य के ज्यादातर स्कूल और कॉलेज बंद हैं।
- मार्केट और दुकानें: मुख्य बाजार और दुकानें बंद हैं।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट: बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ।
- रेल सेवा: 163ट्रेनें रद्द होने से रेल यातायात बाधित।
खुली रहने वाली सेवाएं
स्वास्थ्य सेवाएं: अस्पताल और मेडिकल स्टोर खुले हैं।
आवश्यक सेवाएं: दूध, सब्जी, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी है।
इमरजेंसी सेवाएं: एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड सेवाएं बाधित नहीं।
जनता से अपील
किसान संगठनों ने जनता से इस बंद में समर्थन देने और शांतिपूर्ण ढंग से इसे सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
जबकि 19 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, 15 ट्रेनों को शॉर्ट ओरिजीनेट करने का ऐलान हुआ है। तो वहीं पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रभावित रहेंगी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने विरोध को अपना समर्थन दिया है। मालूम हो कि किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वो 6, 8 और 14 जनवरी को दिल्ली की ओर कूच करेंगे।
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल से आमरण अनशन पर
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल 26 नवंबर से खनौरी बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर हैं। किसान 13 फरवरी से शंभू और खनौरी सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।
इन संगठनों ने दिया बंद को समर्थन
- व्यापारियों,
- ट्रांसपोर्टरों, कर्मचारी संघों,
- टोल प्लाजा कर्मचारियों,
- पूर्व सैनिकों,
- सरपंचों,
- शिक्षक संघों
- सामाजिक संगठनों
एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग
आपको बता दें कि फसलों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग के अलावा, किसान कर्ज माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन और 2021 में लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।












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